मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत में शांति की कामना के स्वर उठने लगे हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित मां बगलामुखी मंदिर में सोमवार को विश्व शांति और युद्ध विराम के लिए विशेष यज्ञ अनुष्ठान आयोजित किया गया। देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं और पुजारियों ने एकजुट होकर युद्ध समाप्ति और मानव कल्याण के लिए प्रार्थना की, जिससे धार्मिक आस्था और वैश्विक चिंता का अनूठा संगम देखने को मिला।
विश्व शांति के लिए विशेष यज्ञ
उज्जैन के प्रसिद्ध मंदिर में आयोजित इस अनुष्ठान में 100 से अधिक पंडितों ने भाग लिया। यज्ञ में विश्व शांति, मानव कल्याण और ईरान-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के जल्द समाप्त होने की कामना की गई। पूरे विधि-विधान के साथ हवन कर विशेष आहुतियां दी गईं।
51 बटुकों ने किया महाविद्याओं का पूजन
इस आयोजन में 51 बटुकों द्वारा दस महाविद्याओं का पूजन किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह पूजन शत्रु बाधाओं को समाप्त करने और संकट को टालने के लिए किया जाता है। वर्तमान वैश्विक तनाव को देखते हुए यह अनुष्ठान विशेष महत्व रखता है।
नवरात्रि पर परंपरा का विशेष महत्व
नवरात्रि के दौरान इस मंदिर में हर साल विशेष यज्ञ और हवन आयोजित किए जाते हैं। इस बार भी पूरे नौ दिनों तक विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है।
मिर्ची अनुष्ठान भी बना आकर्षण
इस यज्ञ के दौरान मिर्ची अनुष्ठान भी संपन्न किया गया, जिसे संकट निवारण और नकारात्मक शक्तियों के नाश के लिए किया जाता है। श्रद्धालुओं ने इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया और विश्व में शांति की कामना की।
युद्ध की पृष्ठभूमि में बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण कई देशों पर असर पड़ रहा है और हालात चिंताजनक बने हुए हैं। ऐसे समय में उज्जैन से उठी यह प्रार्थना वैश्विक शांति की उम्मीद को मजबूत करती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि सामूहिक आस्था और सकारात्मक ऊर्जा से विश्व में शांति स्थापित हो सकती है।