उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भक्ति और ड्यूटी का अनोखा संगम देखने को मिला है। यहां डॉग स्क्वॉड की मादा सदस्य ‘मैक्सी’ हर सावन सोमवार को उपवास करती है। ड्यूटी के साथ-साथ आस्था निभाने वाली मैक्सी अन्न नहीं खाती, केवल दूध और पानी ग्रहण करती है। पिछले दो वर्षों से यह परंपरा निभा रही मैक्सी भक्तों और सुरक्षाकर्मियों के बीच श्रद्धा का प्रतीक बन गई है। महाकाल की सेवा में यह डॉग अफसर अनुशासन और आस्था दोनों का उदाहरण है।
भक्ति में लीन डॉग अफसर 'मैक्सी'
महाकाल मंदिर की सुरक्षा में तैनात स्निफर डॉग 'मैक्सी' न सिर्फ संवेदनशील इलाकों की जांच करती है, बल्कि सावन के पावन माह में हर सोमवार उपवास भी रखती है। उसकी दिनचर्या में इस दिन सिर्फ दूध और पानी होता है। सुबह दूध पीने के बाद वह पूरे दिन बिना अन्न के ड्यूटी निभाती है। यह आस्था भरा व्यवहार खुद पुलिस अधिकारियों के लिए भी आश्चर्यजनक है।
दो साल से निभा रही परंपरा
मैक्सी दो साल से मध्यप्रदेश पुलिस की डॉग स्क्वॉड की प्रशिक्षित सदस्य है। बम डिटेक्शन और सुरक्षा जांच में माहिर मैक्सी जब पहली बार सोमवार को खाना नहीं खा रही थी, तो उसे बीमार समझा गया। लेकिन लगातार हर सावन सोमवार को वही व्यवहार देखने के बाद यह तय हुआ कि वह उपवास कर रही है। अब यह उसकी भक्ति और अनुशासन का हिस्सा बन चुका है।
हर दिन की जिम्मेदार ड्यूटी, हर सोमवार श्रद्धा से उपवास
महाकाल लोक की सुरक्षा हो, वीआईपी मूवमेंट या शाही सवारी—हर स्थान पर मैक्सी की ड्यूटी सबसे अहम मानी जाती है। वह न सिर्फ वफादारी, बल्कि आस्था से भी जुड़ी है। यह दर्शाता है कि श्रद्धा का भाव इंसान-जानवर के भेद से परे होता है।