उज्जैन पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को निशाना बनाने वाले एक संगठित हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश किया है। नानाखेड़ा थाना पुलिस ने ऐसे 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने इंस्टाग्राम पर नौकरी का झांसा देकर एक युवक का अपहरण किया, उसके साथ मारपीट की और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर परिवार से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पूरे मामले का खुलासा हुआ।
इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर नौकरी का झांसा
पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई को पीड़ित युवक ने शिकायत दर्ज कराई कि इंस्टाग्राम पर "अंजली" नाम की प्रोफाइल से उससे संपर्क किया गया। बातचीत के दौरान उसे नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया और मिलने के लिए बुलाया गया। युवक जैसे ही तय स्थान पर पहुंचा, पहले से मौजूद आरोपियों ने उसे जबरन अपने कब्जे में ले लिया।
मारपीट कर बनाया वीडियो, परिवार से मांगी फिरौती
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी लोकेश शर्मा और उसके साथियों ने युवक के साथ मारपीट की। इसके बाद उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे झूठे मामले में फंसाने और वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई। आरोपियों ने पहले परिवार से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी, बाद में सौदा 26 लाख रुपये में तय हुआ। इस दौरान गिरोह 10 लाख रुपये वसूलने में भी सफल रहा।
साइबर जांच से पुलिस ने पकड़ा पूरा गिरोह
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने साइबर सेल और तकनीकी टीम की मदद से जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तकनीकी इनपुट के आधार पर मुख्य आरोपी लोकेश शर्मा सहित कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
ऐसे चुनते थे अपने शिकार
पूछताछ में पता चला कि गिरोह उन लोगों को निशाना बनाता था, जिनके पास हाल ही में बड़ी रकम आई होती थी। सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर पहले दोस्ती की जाती, फिर मिलने के बहाने बुलाकर ब्लैकमेल किया जाता था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने प्रदेश या अन्य राज्यों में इसी तरह की और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।