उज्जैन जिले के खाचरौद में प्रेम विवाह के बाद एक परिवार ने अपनी जीवित बेटी का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर उसे परिवार और समाज से बेदखल घोषित कर दिया। परिजनों ने बेटी की तस्वीर के साथ पारंपरिक रस्में निभाईं और सामाजिक संबंध समाप्त करने की घोषणा की। परिवार का आरोप है कि समझाने के बावजूद युवती अपने फैसले पर कायम रही। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
प्रेम विवाह के बाद परिवार ने तोड़ा रिश्ता
खाचरौद निवासी युवती ने अपनी पसंद से दूसरे समाज के युवक से विवाह किया। इससे नाराज़ परिजनों ने बेटी से सभी पारिवारिक और सामाजिक संबंध समाप्त करने का निर्णय लिया। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार युवती को समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने अपना फैसला नहीं बदला।
तस्वीर के साथ निभाईं अंतिम संस्कार की रस्में
परिजनों ने सामाजिक परंपराओं के अनुसार बेटी की तस्वीर का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया। इस दौरान 'गोरनी' सहित अन्य पारंपरिक रस्में भी निभाई गईं। कार्यक्रम में समाज के कई लोग मौजूद रहे। परिजनों ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि अब उनका बेटी से कोई संबंध नहीं है।
थाने में भी हुई समझाइश
परिवार के अनुसार मामला पुलिस थाने तक पहुंचा था। वहां भी परिजनों ने युवती से घर लौटने और अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की। परिवार का आरोप है कि युवती ने अपना निर्णय नहीं बदला और वह अपनी पसंद के साथ रहने पर अडिग रही। इसके बाद परिवार ने सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार संबंध समाप्त करने का फैसला लिया।
घटना बनी चर्चा का विषय
प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार की इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा हो रही है। कार्यक्रम के दौरान मौजूद समाज के लोगों ने भी अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी। वहीं इस पूरे मामले को लेकर पुलिस की ओर से किसी नई कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल यह मामला सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।