Ujjain Mahakal Diwali 2025: देशभर में दीपोत्सव की शुरुआत इस बार भी बाबा महाकाल के दरबार से होगी। उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में 20 अक्टूबर की सुबह सबसे पहले दिवाली मनाई जाएगी। परंपरा के अनुसार, भगवान महाकाल की भस्म आरती और विशेष पूजन के बाद एक फुलझड़ी जलाकर दीपोत्सव की शुरुआत की जाएगी। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसके तहत उज्जैन में दिवाली का आगाज महाकाल के आंगन से होता है।
महाकाल के दरबार से होती है हर पर्व की शुरुआत
हिंदू परंपरा के अनुसार, किसी भी त्योहार की शुरुआत महाकाल के आशीर्वाद से होती है। कहा जाता है कि बाबा महाकाल अवंतिका (उज्जैन) के राजा हैं, इसलिए हर शुभ अवसर की शुरुआत उनके आंगन से की जाती है। रूप चौदस की सुबह भगवान महाकाल का गर्म जल से अभिषेक कर उन्हें उबटन लगाया जाएगा। इसके बाद पुजारी परिवार की महिलाएं विशेष श्रंगार करेंगी और आरती के दौरान एक फुलझड़ी जलाकर दिवाली का आरंभ करेंगी।
50,000 वर्ग फीट की भव्य रंगोली बनेगी आकर्षण का केंद्र
इस बार महाकालेश्वर मंदिर परिसर में 50,000 वर्ग फीट क्षेत्र में विशाल रंगोली बनाई जा रही है। यह कलात्मक पहल “The Sketchers” और “कला मंच उज्जैनी” के 30 कलाकारों की टीम द्वारा की जा रही है। सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया के मार्गदर्शन में यह रंगोली मंदिर परिसर को भव्य रूप प्रदान करेगी। इस रंगोली को ड्रोन कैमरे से कैद भी किया जा रहा है, जिसका नजारा देखने लायक होगा।
मंदिर परिसर में आतिशबाजी पर रोक
भक्तों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष महाकाल मंदिर परिसर में आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। केवल आरती के दौरान एक ही फुलझड़ी जलाने की अनुमति होगी। मंदिर के गर्भगृह, कोटी तीर्थ कुंड और श्री महाकाल महालोक क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आतिशबाजी सख्त वर्जित होगी। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा और धार्मिक वातावरण की गरिमा बनाए रखना है।