उज्जैन में सावन-भादौ माह के दौरान निकलने वाली बाबा महाकाल की शाही सवारी के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 14 जुलाई से आरंभ होने वाली इस धार्मिक यात्रा में इस बार सुरक्षा और आयोजन दोनों का स्तर अभूतपूर्व होगा। पूरे सवारी मार्ग को थ्री लेयर सिक्योरिटी से लैस किया गया है। 1300 से अधिक पुलिसकर्मी, ड्रोन कैमरे और CCTV के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए सख्त नियम भी लागू किए गए हैं।
सवारी की तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था
महाकालेश्वर मंदिर से निकलने वाली शाही सवारी के लिए सुरक्षा का त्रिस्तरीय घेरा बनाया गया है। ड्रोन, CCTV कैमरे और सादी वर्दी में तैनात जवान लगातार निगरानी करेंगे। ऊंची इमारतों की छतों की जांच और फायर टेंडर की उपलब्धता जैसे उपाय भी सुनिश्चित किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि सवारी मार्ग पर हर गतिविधि को नियंत्रित रखने के लिए विशेष दस्ते तैयार किए गए हैं।
सवारी का शेड्यूल और थीम
इस वर्ष बाबा महाकाल की छह सवारियां निकलेंगी — चार सावन में (14, 21, 28 जुलाई और 4 अगस्त) और दो भादौ में (11 और 18 अगस्त)।
पहली सवारी “वैदिक उद्घोष” थीम पर आधारित होगी।
पांचवीं सवारी में “श्रीकृष्ण पाथेय” और मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की झांकियां होंगी।
अंतिम सवारी 18 अगस्त को निकलेगी, जिसमें 70 से अधिक भजन मंडलियां भाग लेंगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा और नियम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने कुछ सख्त नियम लागू किए हैं:
सवारी के दौरान सेल्फी लेना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
मोबाइल डिटेक्शन टीम तैनात रहेगी, जो नियम उल्लंघन करने वालों पर निगरानी रखेगी।
भीड़ और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए सवारी वाले दिन स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।
वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष सहायता केंद्र और प्राथमिक चिकित्सा दल भी तैनात रहेंगे।