Mahakal Sawari 2026: उज्जैन में सावन के दूसरे सोमवार बाबा महाकाल की सवारी पूरे धार्मिक उल्लास और भव्यता के साथ निकली। भगवान चंद्रमोलेश्वर रजत पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले तो सवारी मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने जयकारों और भक्ति भाव के साथ बाबा महाकाल का स्वागत किया। सवारी के दौरान बाबा ने अलग-अलग स्वरूपों में भक्तों को दर्शन दिए और रामघाट पर शिप्रा के जल से अभिषेक किया गया।
पूजा-अर्चना के बाद पालकी में विराजे बाबा महाकाल
सवारी से पहले महाकाल मंदिर के सभा मंडप में भगवान महाकाल की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान कलेक्टर रोशन सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा भी मौजूद रहे। पूजा संपन्न होने के बाद अधिकारियों ने बाबा महाकाल की पालकी को कंधा देकर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस दल ने बाबा महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।
चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में हुए बाबा के दर्शन
बाबा महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। सवारी के मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए मौजूद रहे। भक्तों ने जयकारे लगाकर बाबा का स्वागत किया। इसी दौरान बाबा महाकाल ने मन महेश स्वरूप में हाथी पर सवार होकर भी श्रद्धालुओं को दर्शन दिए।
महाकाल घाटी से रामघाट तक पहुंची सवारी
बाबा महाकाल की सवारी महाकाल घाटी से शुरू होकर गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और हरसिद्धि पाल होते हुए रामघाट पहुंची। यहां परंपरा के अनुसार बाबा महाकाल का शिप्रा नदी के जल से अभिषेक किया गया। रामघाट पर भी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही और पूरा क्षेत्र बाबा की भक्ति में डूबा नजर आया।
इन रास्तों से वापस मंदिर पहुंची सवारी
रामघाट पर अभिषेक के बाद बाबा महाकाल की सवारी गणगौर दरवाजा, ढाबा रोड, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार होते हुए वापस महाकाल मंदिर पहुंची। पूरे सवारी मार्ग पर भक्त बाबा के दर्शन के लिए खड़े रहे। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने बाबा का स्वागत किया।
अश्वरोही दल और भजन मंडलियां रहीं शामिल
सवारी में पुलिस का अश्वरोही दल, सशस्त्र पुलिस बल और पुलिस बैंड शामिल रहे। इसके साथ ही विभिन्न भजन मंडलियों ने भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बनाए रखा। सावन और भादों के सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी निकालने की परंपरा चली आ रही है। इसी परंपरा के तहत सावन के दूसरे सोमवार को भी बाबा महाकाल ने नगर भ्रमण कर भक्तों को दर्शन दिए।