उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में एक अनोखी घटना घटित हुई है। मंदिर में भगवान शिव के श्रृंगार के दौरान शिवलिंग पर बनाया गया भांग का मुखौटा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। मुखौटे से नाक, होंठ और एक आंख अलग हो गई। इस घटना को कई ज्योतिषाचार्य अप्राकृतिक घटनाओं का संकेत मान रहे हैं। वहीं, शास्त्रों के जानकारों का कहना है कि शिवलिंग पर भांग के श्रृंगार का कोई उल्लेख नहीं मिलता।
आरती से पहले गिरा मुखौटा
मंदिर में रोजाना की तरह रात 8 बजे शिवलिंग पर श्रृंगार किया जा रहा था। शिवलिंग पर भांग से शिव का मुखौटा बनाया गया। आरती शुरू होने ही वाली थी कि अचानक मुखौटा टूटकर नीचे गिर गया। पुजारियों ने तुरंत नया मुखौटा बनाकर आरती संपन्न कराई। यह पूरा दृश्य मंदिर के सीसीटीवी में कैद हो गया और इसका वीडियो अब वायरल हो रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और नियम
साल 2020 में शिवलिंग क्षरण रोकने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि शिवलिंग पर पंचामृत और अन्य सामग्रियों की सीमित मात्रा ही चढ़ाई जाए। बावजूद इसके मंदिर में तय मात्रा से अधिक भांग का प्रयोग हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यही कारण मुखौटे के गिरने की घटना के पीछे हो सकता है।
ज्योतिषाचार्यों की व्याख्या
ज्योतिषाचार्य अमर त्रिवेदी का कहना है कि यह घटना अप्राकृतिक संकेत है। देवता जिस सामग्री को स्वीकार नहीं करते, उसे त्याग देते हैं। यह भी माना जा रहा है कि यह ऋतु परिवर्तन और भविष्य में आने वाली आपदाओं जैसे बाढ़ या जल की अधिकता का संकेत है।
शास्त्रों में भांग के श्रृंगार का उल्लेख नहीं
धर्मविदों का कहना है कि शिवलिंग पर भांग के श्रृंगार का कोई उल्लेख किसी शास्त्र में नहीं मिलता। न ही शिव पुराण और लिंग पुराण में इसका जिक्र है। विद्वानों का मानना है कि शिवलिंग पर भांग का श्रृंगार परंपरागत नहीं है और इसे धार्मिक मान्यता नहीं मिलती।
प्रशासन की चुप्पी
इस घटना के बाद भी मंदिर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। फिलहाल यह विषय भक्तों और विद्वानों के बीच गहन चर्चा का विषय बना हुआ है।