उज्जैन के सांवराखेड़ी में हुए भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यहां कोई बड़ा या छोटा नहीं है। वेटर हो या ड्राइवर, हर दूल्हा-दुल्हन हमारे लिए राजा-महाराजा समान हैं। सनातन परंपरा के अनुसार आयोजित इस समारोह में अनुसूचित जाति, जनजाति सहित सभी वर्गों के 22 जोड़े शामिल हुए। मुख्यमंत्री के पुत्र अभिमन्यु यादव ने भी इसी मंच पर विवाह कर नई सामाजिक मिसाल कायम की।
सामूहिक विवाह सम्मेलन में सामाजिक सद्भाव का संदेश
उज्जैन के सांवराखेड़ी गांव में विशाल स्तर पर सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राज्यभर से आए 22 जोड़ों ने वैदिक रीति से विवाह संस्कार किए।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंच से कहा—
“यहां सभी समान हैं, न कोई बड़ा है न छोटा। यह सनातन परंपरा का पर्व है, जहां हर वर्ग सम्मानित है।”
उन्होंने बताया कि सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए सामूहिक विवाह जैसी परंपराएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
सीएम के बेटे अभिमन्यु यादव सहित 22 जोड़ों का विवाह
इस सम्मेलन की खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने अपने बेटे अभिमन्यु यादव की शादी भी इसी सामूहिक विवाह मंच पर कराई। कार्यक्रम में विविध समाजों से आए अन्य 21 जोड़ों ने भी एक साथ जीवन-बंधन में प्रवेश किया।
इस पहल को सामाजिक समरसता और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।
राज्यपाल से लेकर संतों तक— कई बड़े नेता और व्यक्तित्व रहे मौजूद
इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कई दिग्गज हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में शामिल रहे:
राज्यपाल मंगुभाई पटेल
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविन्द्र पुरी
संत बाबा रामदेव
पंडित धीरेंद्र शास्त्री
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर
इन सभी ने मुख्यमंत्री की इस सामाजिक पहल की सराहना की।
‘नई व्यवस्था, सबका साथ’ — मेहमानों ने की तारीफ
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सीएम ने अपने पुत्र का विवाह सामूहिक मंच पर कर समाज को “उत्तम उदाहरण” दिया है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इसे “नई व्यवस्था और नए अध्याय की शुरुआत” बताया और कहा—
“सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास, सबका सामूहिक विवाह यही इस पहल का संदेश है।”