उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 से पहले शहर का नक्शा पूरी तरह बदलने वाला है। भोपाल में हुई सिंहस्थ पर्यवेक्षण समिति की बैठक में उज्जैन के 11 प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण को मंजूरी दी गई है। इन सड़कों का चौड़ीकरण महाकाल मंदिर और शिप्रा नदी तक पहुंच
को बेहद आसान बनाएगा।
महाकाल और शिप्रा तक पहुंच होगी आसान
नए मास्टर प्लान के तहत सात प्रमुख सड़कें महाकाल मंदिर और शिप्रा नदी तक जाने वाले रास्तों को चौड़ा किया जाएगा। अभी तक संकरी सड़कों के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है। इन सड़कों को 15 मीटर से लेकर 45 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा, जिससे यात्रा सुगम हो सकेगी।
प्रमुख
मार्गों का चौड़ीकरण ऐसे
होगा
कार्तिक मेला ग्राउंड से नई खेड़ी तक: 24 मीटर
कर्कराज पार्किंग से भूखीमाता मंदिर तक: 24 मीटर (ब्रिज निर्माण भी जारी)
मकोड़िया आम चौराहा से गरोठ हाईवे तक: 45 मीटर (एमआर 13 मार्ग)
पीपलीनाका से जूना सोमवारिया होते अंकपात चौराहा तक: 30 मीटर
पीपलीनाका से ओखलेश्वर श्मशान तक: 45 मीटर
भैरवगढ़ जेल चौराहा से पीपलीनाका तक: 45 मीटर (सिक्सलेन रोड)
गढ़कालिका से मत्स्येंद्रनाथ समाधि तक: 18 मीटर
भर्तृहरि गुफा से ऋणमुक्तेश्वर तक: 12 मीटर
हरसिद्धि से सिद्धाश्रम तक विशेष चौड़ीकरण
महाकाल मंदिर के मुख्य मार्ग—जो हरसिद्धि मंदिर से होकर सिद्धाश्रम तक जाता है—को भी 24 मीटर चौड़ा किया जाएगा। यह मार्ग फिलहाल काफी संकरा है और भीड़भाड़ के समय बहुत दबाव में रहता है। इस मार्ग के चौड़ीकरण से महाकाल सवारी और श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी।
करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए सुगम यात्रा
सिंहस्थ 2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना है। ऐसे में ट्रैफिक व्यवस्था और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए यह चौड़ीकरण अत्यंत आवश्यक है। नए मास्टर प्लान से ना सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।