Nagchandreshwar Temple, Nag Panchami 2026--उज्जैन में इस बार नागपंचमी का पर्व बेहद खास होने जा रहा है। 17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार और नागपंचमी एक ही दिन पड़ रही है। इसी अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर विराजमान भगवान नागचंद्रेश्वर के पट 16 अगस्त की रात 12 बजे खोले जाएंगे। साल में सिर्फ एक दिन होने वाले इन दुर्लभ दर्शनों के लिए देशभर से श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की उम्मीद है।
रात 12 बजे खुलेगा मंदिर, सबसे पहले होगा विशेष पूजन
भगवान नागचंद्रेश्वर के पट 16 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजे खुलेंगे और 17 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए दर्शन खुले रहेंगे। पट खुलने से करीब आधे घंटे पहले रात 11:30 बजे प्रथम पूजन की प्रक्रिया शुरू होगी। मध्यरात्रि में पट खुलने के बाद श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि महाराज भगवान नागचंद्रेश्वर का पूजन और अभिषेक करेंगे। इस दौरान मंदिर प्रबंध समिति और प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
साल में सिर्फ नागपंचमी पर मिलते हैं दर्शन
महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर विराजमान भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन साल में केवल एक बार नागपंचमी के दिन होते हैं। यही वजह है कि इस दुर्लभ दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। इस बार नागपंचमी के साथ सावन का तीसरा सोमवार भी होने से श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन के सामने भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालना बड़ी चुनौती रहेगा।
तीन पहर में होगी भगवान नागचंद्रेश्वर की विशेष पूजा
नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर की त्रिकाल पूजा की परंपरा है। पहली पूजा 16 अगस्त की मध्यरात्रि पट खुलने के बाद होगी। इसके बाद 17 अगस्त को दोपहर 12 बजे श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से विशेष पूजा की जाएगी। शाम को भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी और पुरोहित भगवान नागचंद्रेश्वर की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे।
सामान्य दर्शन के लिए यह रहेगा पूरा रूट
सामान्य दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को कर्कराज पार्किंग स्थित प्रवेश द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। यहां से श्रद्धालु भील समाज धर्मशाला, गोंड मोहल्ला, चारधाम, हरसिद्धि चौराहा और बड़ा गणेश होते हुए प्रवेश द्वार क्रमांक-4 से मंदिर परिसर में पहुंचेंगे। इसके बाद विश्रामधाम से होते हुए भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन होंगे। दर्शन के बाद प्रीपेड बूथ से निकासी होगी और श्रद्धालु 24 खंबा रोड से होते हुए वापस कर्कराज की ओर जाएंगे।
शीघ्र दर्शन के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था
शीघ्र दर्शन की सुविधा लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश हरसिद्धि पाल की ओर से निर्धारित किया गया है। श्रद्धालु बड़ा गणेश मार्ग से होते हुए प्रवेश द्वार क्रमांक-5 से मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे। इसके बाद विश्रामधाम से नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन कर प्रीपेड बूथ से बाहर निकलेंगे। निकासी के बाद 24 खंबा रोड के रास्ते श्रद्धालु वापस हरसिद्धि पाल की ओर जा सकेंगे।
महाकाल दर्शन के लिए भी अलग रूट तय
नागचंद्रेश्वर दर्शन के साथ महाकालेश्वर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। सामान्य दर्शन के लिए प्रवेश त्रिवेणी संग्रहालय स्थित त्रिवेणी प्रवेश द्वार से होगा। श्रद्धालु नंदी द्वार, मानसरोवर फैसिलिटी, गणेश मंडप और कार्तिक मंडप होते हुए दर्शन मार्ग तक पहुंचेंगे। दर्शन के बाद एम्बुलेंस गेट से निकासी होगी और पिनाकी द्वार से श्रद्धालु बाहर जाएंगे। वहीं शीघ्र दर्शन के लिए नीलकंठ द्वार से प्रवेश निर्धारित किया गया है।
24 घंटे खुलेंगे पट, आस्था के इस पर्व पर उमड़ेगा जनसैलाब
नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर के पट 24 घंटे खुले रहेंगे। सावन सोमवार और नागपंचमी का एक साथ पड़ना इस बार उज्जैन के धार्मिक महत्व को और बढ़ा रहा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन और निकासी के अलग-अलग रूट तय किए हैं। अब आधी रात को पट खुलने के साथ ही भगवान नागचंद्रेश्वर के दुर्लभ दर्शन का सिलसिला शुरू होगा, जिसके लिए उज्जैन में देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।