Ujjain Simhastha 2028: साल 2028 में होने वाले उज्जैन सिंहस्थ की भव्यता और व्यवस्थाओं को लेकर सरकार ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को लेकर योजनाएं इस बार हाईटेक होंगी। खास बात यह है कि वीवीआईपी श्रद्धालु अब सीधे हेलीकॉप्टर से घाटों तक पहुंच सकेंगे। सड़क, रेलवे और बस स्टैंड से लेकर मंदिरों तक यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए सरकार ने बहुआयामी प्लान पर काम शुरू कर दिया है।
घाटों पर बनेंगे हेलीपैड, वीवीआईपी को मिलेगी सीधी सुविधा
सिंहस्थ 2028 में आने वाले वीवीआईपी श्रद्धालुओं को सड़क मार्ग से नहीं बल्कि हवाई मार्ग से सीधे घाटों तक लाया जाएगा। इसके लिए घाटों पर विशेष हेलीपैड बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि वीआईपी मूवमेंट से आम श्रद्धालुओं को परेशानी न हो और यातायात सुगम बना रहे।
चार सेटेलाइट रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की भी योजना
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन उज्जैन में चार सेटेलाइट रेलवे स्टेशन बनाएगा। इन स्टेशनों से स्थानीय परिवहन और अस्थायी ठहरने की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा, बसों से आने वाले यात्रियों के लिए नए बस स्टैंड भी तैयार किए जाएंगे, जिससे धार्मिक स्थलों तक जाना आसान हो सके।
महाकाल और ओंकारेश्वर में भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती
महाकाल मंदिर में आने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करना सबसे बड़ी चुनौती होगी। यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है और यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। वहीं अनुमान है कि करीब 10 फीसदी श्रद्धालु ओंकारेश्वर भी जा सकते हैं, ऐसे में वहां की भीड़ प्रबंधन के लिए भी योजना बन रही है।
हाईटेक सड़क से सुधरेगा ट्रैफिक, 9.54 करोड़ की लागत
पीडब्ल्यूडी विभाग के तहत उज्जैन में केडी गेट से गोंसा चौराहा तक 1.40 किमी लंबी हाईटेक सड़क बनाई jजाएगी। इसकी लागत लगभग 9 करोड़ 54 लाख रुपये होगी। यह सड़क महाकाल लोक और अन्य प्रमुख स्थानों को जोड़ते हुए यातायात को सुगम बनाएगी और भविष्य के कुंभ आयोजनों की तैयारी को मजबूती देगी।