महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर युवा ऊर्जा और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो उठी है। करीब सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में राज्य स्तरीय युवा उत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसे युवाओं के लिए ‘लघु कुंभ’ के रूप में देखा जा रहा है। तीन दिवसीय इस महोत्सव में प्रदेशभर से आए लगभग 800 छात्र अपनी प्रतिभा और संस्कृति का प्रदर्शन कर रहे हैं।
सात साल बाद मिला मेजबानी का गौरव
उज्जैन संभाग स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय को लगभग सात वर्षों बाद राज्य स्तरीय युवा उत्सव की मेजबानी का अवसर मिला है। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित उद्घाटन समारोह में शिक्षा, संस्कृति और नवाचार का अद्भुत संगम देखने को मिला। दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए इस आयोजन ने पूरे परिसर को उत्सवमय बना दिया।
मुख्यमंत्री का संदेश, रोजगारोन्मुख शिक्षा पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुवाहाटी से वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने विश्वविद्यालयों में रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि टेक्सटाइल, हैंडलूम और कौशल आधारित शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से भविष्य की जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया।
नई भाषाएं, नई संभावनाएं
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि बदलती औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालयों में तकनीकी पाठ्यक्रमों के साथ-साथ 13 भाषाओं की शिक्षा शुरू की जाएगी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल और ऊर्जा बचत को युवाओं के जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। साथ ही विश्वविद्यालय में अधोसंरचना विकास के लिए 5 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की।
संस्कृति की रैली, युवाओं का जोश
उद्घाटन सत्र के बाद विश्वविद्यालय परिसर से सांस्कृतिक रैली निकाली गई। नृत्य, गीत और लोक परंपराओं से सजी यह रैली शहीद पार्क तक पहुंची। छात्र-छात्राओं ने मध्यप्रदेश की विविध सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन का उद्देश्य केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा से विद्यार्थियों को परिचित कराना भी है।
22 विधाओं में प्रतिभा का प्रदर्शन, 10 जनवरी को समापन
तीन दिवसीय इस युवा उत्सव में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से चयनित लगभग 800 विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतिभागी कुल 22 सांस्कृतिक और साहित्यिक विधाओं में अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। उत्सव का समापन 10 जनवरी को होगा, जहां विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा और वे राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।