पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल मौत मामले में अब कानूनी कार्रवाई ने नया मोड़ ले लिया है। इस चर्चित मामले में वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम ने विशेष लोक अभियोजक की जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है। बताया गया है कि यह फैसला राज्य सरकार और पीड़ित परिवार के अनुरोध के बाद लिया गया। वहीं मामले की जल्द सुनवाई को लेकर फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया को भी मंजूरी दिए जाने की बात सामने आई है।
विशेष लोक अभियोजक के तौर पर निभाएंगे भूमिका
जानकारी के अनुसार वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सदस्य उज्ज्वल निकम ने इस मामले में विशेष लोक अभियोजक के तौर पर जिम्मेदारी स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और वह पहले भी कई गंभीर मामलों में कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा रह चुके हैं।
पीड़ित परिवार ने की थी सख्त कार्रवाई की मांग
बताया गया कि केतन अग्रवाल के परिजनों ने मामले में जल्द न्याय की मांग उठाई थी। इसी को लेकर परिवार की ओर से उच्च स्तर पर मुलाकात भी की गई थी। परिवार का कहना है कि मामले की सुनवाई तेजी से हो और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो।
जांच पूरी होने के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
मामले को लेकर उज्ज्वल निकम ने कहा कि फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है। उनका कहना है कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही जांच से जुड़ी स्थिति और सबूतों की पूरी जानकारी सामने आ पाएगी। फिलहाल जांच एजेंसियां विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही हैं।
फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया से बढ़ीं उम्मीदें
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फास्ट-ट्रैक स्तर पर सुनवाई की मांग को मंजूरी मिलने की बात भी सामने आई है। इससे यह उम्मीद बढ़ी है कि कानूनी प्रक्रिया सामान्य मामलों की तुलना में तेजी से आगे बढ़ सकती है।
घटना के बाद लगातार सामने आ रहे नए पहलू
18 जून को हुई घटना की शुरुआती जानकारी को पहले हादसे के रूप में देखा गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।