मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की फायरब्रांड नेता उमा भारती ने एक बार फिर राजनीति में सक्रिय वापसी के संकेत दिए हैं। उन्होंने भोपाल में आयोजित गोपाष्टमी कार्यक्रम में कहा कि उन्होंने “चुनाव लड़ना टाला है, बंद नहीं किया है”। उमा ने साफ किया कि 2029 में वह झांसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। इसके साथ ही उन्होंने गंगा और गौ संवर्धन, शराबबंदी और वर्तमान राजनीति पर भी अपने तीखे विचार रखे।
2029 में झांसी से लड़ने का संकेत
उमा भारती ने कहा कि उनकी इच्छा झांसी से लोकसभा चुनाव लड़ने की है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में वे झांसी से सांसद चुनी गई थीं और केंद्र सरकार में मंत्री भी रहीं। उनका कहना था कि अगर पार्टी चाहेगी तो वह फिर से चुनाव मैदान में उतरेंगी, क्योंकि उन्होंने चुनावी राजनीति से दूरी बनाई है, लेकिन इसे छोड़ा नहीं है।
गंगा और गौ संवर्धन पर बड़ा बयान
कार्यक्रम में उमा भारती ने कहा कि 4 नवंबर से गंगा की निर्मलता के लिए अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा, “जब तक देश में गाय की रक्षा और गंगा की स्वच्छता नहीं होगी, तब तक राम का काम अधूरा रहेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि धर्मनिरपेक्षता की राजनीति में गाय की बात करने से लोग डरते हैं, जबकि यह भारत की आत्मा से जुड़ा विषय है।
लाड़ली बहनों को गाय देने का सुझाव
उमा भारती ने महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण पर सुझाव दिया कि सरकार लाड़ली बहनों को एक-एक दुधारू गाय दे। इससे वे अपनी आय बढ़ा सकेंगी और देश में गौ पालन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम होगा।
शराबबंदी पर फिर मुखर हुईं उमा भारती
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रदेश में शराबबंदी की लड़ाई लड़ी है, जिसके बाद अहाते बंद हुए और नई दुकानें नहीं खुलीं। अब वे प्रदेश से शराब की सभी दुकानों को खत्म करने की मांग कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं से “काली” बनकर शराब की दुकानों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
‘सेल्फी वाली राजनीति’ पर तंज
उमा भारती ने मौजूदा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि आजकल राजनीति “सेल्फी और दिखावे” तक सीमित रह गई है। उन्होंने कहा कि असली राजनीति जनता के बीच रहकर काम करने में है, न कि सिर्फ प्रचार में। उनके इस बयान को सियासी हलकों में 2029 की तैयारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।