Uma Kashvi WPL Auction : भारतीय महिला क्रिकेट को एक नई युवा खिलाड़ी मिल गई है। महज 15 साल की उमा काश्वी ने विमेंस प्रीमियर लीग के ऑक्शन में इतिहास रच दिया है। दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 10 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। इसके साथ ही उमा WPL ऑक्शन में चुनी जाने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गई हैं। उनकी कहानी भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी से भी मिलती है। वैभव ने कम उम्र में आईपीएल में जगह बनाकर सबका ध्यान खींचा था। अब उमा के सामने भी बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका है। कर्नाटक के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाली उमा एक ऑलराउंडर हैं और बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी योगदान देती हैं।
किस उम्र में मिला WPL का कॉन्ट्रैक्ट?
बुधवार को कोच्चि में विमेंस प्रीमियर लीग के पांचवें संस्करण के लिए मिनी ऑक्शन हुआ। इसी नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने उमा काश्वी को उनके बेस प्राइस 10 लाख रुपये में खरीदा। उमा का जन्म 9 अप्रैल 2011 को हुआ था। इस तरह महज 15 साल की उम्र में उन्हें महिला क्रिकेट की बड़ी लीग में खेलने का मौका मिला है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने दीया यादव का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। दीया पिछले साल 16 साल की उम्र में दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ी थीं। उमा के लिए यह कॉन्ट्रैक्ट अपने खेल को बड़े स्तर पर साबित करने का अहम मौका है।
वैभव सूर्यवंशी से कैसे मिलती है कहानी?
उमा काश्वी और वैभव सूर्यवंशी की कहानियों में सबसे बड़ी समानता उनकी कम उम्र है। दोनों का जन्म 2011 में हुआ। वैभव को राजस्थान रॉयल्स ने 14 साल की उम्र में 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा था। इसके बाद उन्होंने आईपीएल में डेब्यू कर अपनी पहचान बनाई। वहीं, उमा ने 15 साल की उम्र में WPL का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। वैभव की तरह अब उमा पर भी सबकी नजरें रहेंगी। हालांकि, दोनों अलग-अलग प्रतियोगिताओं में खेलते हैं और उमा को महिला क्रिकेट में अपनी पहचान बनानी है। उनके लिए यह सफर की शुरुआत है।
सात साल की उम्र से क्रिकेट का जुनून
उमा ने महज सात साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने घर के पास मौजूद क्रिकेट अकादमी में दाखिला लिया और लगातार अपने खेल को बेहतर बनाया। कम उम्र में ही उनके प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान खींचना शुरू कर दिया था। अब WPL में चुने जाने के बाद उन्हें अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनसे सीखने का अवसर मिलेगा। इस मंच पर अच्छा प्रदर्शन उन्हें आगे बढ़ने में मदद कर सकता है। उमा की कहानी उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है, जो छोटी उम्र से क्रिकेट में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।
अंडर-15 टूर्नामेंट में बनाए 516 रन
उमा काश्वी घरेलू क्रिकेट में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करती हैं। वह दाएं हाथ से बल्लेबाजी करती हैं और ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी करती हैं। अंडर-15 टूर्नामेंट में उन्होंने 516 रन बनाए थे। इसी प्रदर्शन के बाद उनकी चर्चा तेज हुई। वह कर्नाटक की अंडर-15 टीम की कप्तानी भी कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने बेंगलुरु ब्लास्टर्स की ओर से महारानी ट्रॉफी में भी कप्तानी की। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान देने की उनकी क्षमता टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें कम उम्र में मौका देकर उनके हुनर पर भरोसा जताया है।
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ऑक्शन में दूसरे बड़े नाम भी रहे चर्चा में
WPL मिनी ऑक्शन में उमा के अलावा कई खिलाड़ियों पर भी बड़ी बोली लगी। ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यूक्स को यूपी वॉरियर्स ने 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा। उनका बेस प्राइस 50 लाख रुपये था। वहीं, भारतीय खिलाड़ियों में किरण नवगिरे भी चर्चा में रहीं, जिन्हें दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी टीम में शामिल किया। अब उमा काश्वी के लिए अगली चुनौती WPL में अपने प्रदर्शन से इस मौके को यादगार बनाने की होगी। 15 साल की उम्र में मिला यह कॉन्ट्रैक्ट उनके करियर का बड़ा पड़ाव है। अब देखना होगा कि वह बड़े मंच पर अपने खेल से कितना प्रभाव छोड़ती हैं।