दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। आतंकी उमर उन नबी के सबसे करीबी सहयोगी जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 10 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। जांच एजेंसी को शक है कि दानिश न सिर्फ तकनीकी मदद देता था, बल्कि हमले की पूरी साजिश में सक्रिय रूप से शामिल था। उसकी गिरफ्तारी से आतंकी नेटवर्क के कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
कोर्ट ने भेजा 10 दिन की रिमांड पर
दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए जासिर बिलाल वानी को आज अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे 10 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसी का कहना है कि दानिश से पूछताछ में कई नए खुलासे हो सकते हैं।
श्रीनगर से पकड़ा गया था दानिश
जांच टीम ने जासिर वानी को श्रीनगर में एक विशेष ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि वह उमर के लिए ड्रोन और रॉकेट तैयार करने में लगा था, जिन्हें बड़े पैमाने पर हमलों में इस्तेमाल किए जाने की योजना थी। गिरफ्तारी के बाद उससे कई डिजिटल उपकरण और तकनीकी सामग्री बरामद हुई है।
हमले की साजिश में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
जांच में यह खुलासा हुआ है कि दानिश ने आतंकी उमर के साथ मिलकर हमले की योजना तैयार की थी। वह न केवल तकनीकी सहायता देता था, बल्कि विस्फोटकों के उपयोग और उपकरणों में बदलाव तक में शामिल था। उसके पास हमले से जुड़े कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डेटा मिलने की भी बात सामने आई है।
नेटवर्क के और सदस्यों पर भी शिकंजा
दानिश की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी उमर के अन्य सहयोगियों की तलाश में है। इससे पहले भी गिरोह के एक अन्य सदस्य को पकड़ा जा चुका है, जिससे पूछताछ में भारत के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले की साजिश का पर्दाफाश हुआ था। एजेंसियां अब इस नेटवर्क की पूरी चेन उजागर करने में जुटी हैं।