उमर खालिद को कड़कड़डूमा कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में आरोपी उमर खालिद की अंतरिम जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी गई। उन्होंने अपने दिवंगत मामा के चहलुम में शामिल होने और बीमार मां की देखभाल के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत मांगी थी।
अदालत में क्या दलील दी गई
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर वाजपेयी की अदालत में उमर खालिद की ओर से कहा गया कि उनकी मां की सर्जरी होनी है और परिवार में उनकी देखभाल करने वाला कोई अन्य सदस्य उपलब्ध नहीं है।
बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि उमर परिवार के इकलौते बेटे हैं। उनके पिता 71 वर्ष के हैं और स्वास्थ्य कारणों से पत्नी की देखभाल नहीं कर सकते। वहीं उनकी चार बहनें शादीशुदा हैं और अलग-अलग स्थानों पर रहती हैं।
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समानता के आधार पर मांगी थी राहत
उमर खालिद की ओर से यह भी कहा गया कि अदालत पहले कुछ सह-आरोपियों को पारिवारिक परिस्थितियों के आधार पर अंतरिम जमानत दे चुकी है। इसी आधार पर उन्हें भी राहत मिलनी चाहिए थी। हालांकि अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
2020 दंगा केस में आरोपी
उमर खालिद और अन्य आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। उन पर 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों का कथित मुख्य षड्यंत्रकारी होने का आरोप लगाया गया है।
53 लोगों की गई थी जान
2020 Delhi Riots में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। यह हिंसा Citizenship Amendment Act यानी CAA और NRC के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान भड़की थी। मामले की जांच और सुनवाई अभी जारी है।