लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट में 10 लाखवीं गाड़ी को फ्लैग ऑफ किया। मुख्यमंत्री ने इसे महज एक औद्योगिक उपलब्धि से अधिक राज्य को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि 34 वर्षों की यह यात्रा “टाटा के ट्रस्ट” और उत्तर प्रदेश की बदलती कार्यसंस्कृति, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर व निवेश अनुकूल माहौल का प्रमाण है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल औद्योगिक उपलब्धियों की बात नहीं की, बल्कि कार्यसंस्कृति के मूल मंत्र को भी प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने कहा कि किसी भी समूह या संस्थान की सफलता का आधार टीमवर्क, कृतज्ञता और ईमानदारी है। हर कार्मिक को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ करना चाहिए, क्योंकि यही भाव लंबे समय में व्यक्तिगत और संस्थागत प्रगति सुनिश्चित करता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए बाहरी हस्तक्षेप से बचना बेहद आवश्यक है। उन्होंने चेताया कि “बिगाड़ने वाले बहुत मिलते हैं, लेकिन बनाने वाले बहुत कम होते हैं”, इसलिए हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह संगठन को परिवार की तरह समझे, उसकी एकता और विश्वास को बनाए रखे तथा सकारात्मक कार्यसंस्कृति को आगे बढ़ाए।
समूह या संस्था के प्रति कृतज्ञता का भाव आवश्यक
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए कृतज्ञता का भाव आवश्यक है। यह समझना जरूरी है कि किस समूह के कारण हम आगे बढ़ रहे हैं और जो देश के विकास में निरंतर योगदान दे रहा है। हर कार्मिक को टीमवर्क, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए, क्योंकि यही भाव दीर्घकालिक सफलता का आधार बनता है। किसी भी स्थिति में बाहरी तत्वों को समूह या प्लांट के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने टाटा ग्रुप की कार्यसंस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समूह अपने कार्मिकों के साथ परिवार जैसा संबंध रखता है, और इसी पारिवारिक भावना को बनाए रखते हुए संगठन को मजबूती के साथ आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
यह उपलब्धि प्रदेश की ऐतिहासिक उड़ान का लॉन्च पैड
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज का यह क्षण हम सभी के लिए गर्व और प्रसन्नता का प्रतीक है, जब 34 वर्षों की गौरवशाली यात्रा तय करते हुए टाटा मोटर्स ने लखनऊ प्लांट से 10 लाखवीं बस को लॉन्च किया। यह उपलब्धि केवल एक इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन मात्र नहीं है, बल्कि यह उस ऐतिहासिक उड़ान का लॉन्च पैड है जो भारत को और भारत की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित कर रही है। यह ‘माइलस्टोन मोमेंट’ नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की उस उड़ान का प्रतीक है, जो रुकने के लिए नहीं, बल्कि निरंतर ऊंचाइयों को छूते हुए विकास, विश्वास और खुशहाली को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
मैनपॉवर को बना रहे मार्केट-रेडी और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स
मोमेंटम की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक ‘एम’ नहीं, बल्कि ‘मास’ और ‘वेलोसिटी’ का समन्वय है। जहां द्रव्यमान होता है, वहां गति स्वतः उत्पन्न होती है और यही गति नई ऊर्जा व ताकत प्रदान करती है। उत्तर प्रदेश के संदर्भ में यह ‘मासेस’ 25 करोड़ की विशाल आबादी और 56 प्रतिशत युवा वर्कफोर्स के रूप में सामने आता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार इस जनशक्ति को स्किल, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी से जोड़कर उसे मार्केट-रेडी और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स में परिवर्तित कर रही है, जिससे प्रदेश विकास की नई रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है। ‘वी’ यानी वेलोसिटी को डबल इंजन सरकार की डबल स्पीड का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास का मोमेंटम अब केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। तेजी से विकसित हो रहा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे समेत बेहतर सड़क नेटवर्क और सुदृढ़ कनेक्टिविटी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है।
सीएम योगी ने की बस की सवारी
फ्लैग ऑफ के बाद मुख्यमंत्री ने बुधवार को लांच की गई टाटा मोटर्स की बस में सवारी भी की। उन्होंने पूरे प्लांट का अवलोकन किया और प्रोडक्शन में उपयोग में लाई जा रही विभिन्न तकनीकों को जाना। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन, एमडी एवं सीईओ गिरीश वाघ, वाइस प्रेसिडेंट ऑपरेशंस टाटा मोटर्स विशाल बादशाह उपस्थित रहे।