Delhi Master Plan-2047: दिल्ली के मास्टर प्लान-2047 को आम लोगों के लिए आसान बनाने की दिशा में दिल्ली विकास प्राधिकरण ने नई डिजिटल पहल शुरू की है। इसका मकसद नागरिकों, जमीन मालिकों, डेवलपर्स और दूसरे हितधारकों को मास्टर प्लान के नियमों और योजनाओं की जानकारी सरल तरीके से देना है। दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के निर्देश के बाद शुरू की गई इस पहल के तहत DDA की वेबसाइट पर मास्टर प्लान से जुड़े सवाल-जवाब यानी FAQ उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही नागरिकों को सीधे अपने सुझाव और आपत्तियां DDA तक पहुंचाने के लिए डिजिटल फीडबैक सुविधा भी शुरू की गई है।
वेबसाइट पर मिलेंगे जरूरी सवालों के जवाब
DDA ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट के ‘नया क्या है’ सेक्शन में MPD-2047 से जुड़े विस्तृत FAQ जारी किए हैं। इनमें लैंड पूलिंग, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट, हाई डेंसिटी कॉरिडोर, लो डेंसिटी एरिया, पुनर्विकास, विरासत संरक्षण और इन-सीटू स्लम पुनर्वास जैसे विषयों की जानकारी आसान भाषा में दी गई है। FAQ में भूमि उपयोग, पार्किंग, FAR, प्लॉट की जरूरत, TDR, लैंड पूलिंग में पात्रता और विकास से जुड़े नियमों को भी समझाया गया है।
लोग सीधे DDA को दे सकेंगे सुझाव
DDA के सिटीजन सर्विसेज प्लेटफॉर्म पर MPD-2047 फीडबैक सुविधा भी शुरू की गई है। इसके जरिए नागरिक और दूसरे हितधारक मास्टर प्लान से जुड़े सुझाव और प्रतिक्रिया सीधे प्राधिकरण को भेज सकेंगे। इसके लिए प्लेटफॉर्म पर साइन अप करने के बाद मेनू में MPD-2047 फीडबैक विकल्प चुना जा सकता है। DDA ने लोगों की सुविधा के लिए मास्टर प्लान से जुड़े जटिल विषयों को समझाने वाली दृश्य और रचनात्मक सामग्री भी उपलब्ध कराई है।
तीन महीने में होंगी 20 बैठकें
डिजिटल सुविधा के अलावा DDA तीन महीने तक हितधारकों के साथ संवाद कार्यक्रम भी चलाएगा। इस दौरान कुल 20 बैठकें आयोजित करने की योजना है। इनमें जनप्रतिनिधियों, सरकारी विभागों, सेवा प्रदाताओं, उद्योग संगठनों, वास्तुकारों, योजनाकारों, निवासी समूहों, किसान, भूस्वामी और डेवलपर्स को शामिल किया जाएगा। इन बैठकों में मास्टर प्लान के अलग-अलग प्रावधानों और उनके क्रियान्वयन पर चर्चा होगी।
इन मुद्दों पर होगा मंथन
बैठकों में TOD, HDC, लैंड पूलिंग, निजी क्षेत्र की भागीदारी, समूह आवास और औद्योगिक विकास जैसे विषयों पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा यमुना और ग्रीन-ब्लू क्षेत्रों के विकास, विरासत संरक्षण, मिश्रित उपयोग वाली परियोजनाओं और स्लम पुनर्वास पर भी चर्चा होगी। DDA का कहना है कि भीड़भाड़ कम करने के साथ शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं के विकास पर भी सुझाव लिए जाएंगे। प्राधिकरण का लक्ष्य मास्टर प्लान-2047 को अधिक सहभागी और समावेशी बनाकर दिल्ली को बेहतर, कनेक्टेड और भविष्य के लिए तैयार शहर बनाना है।