आतंक को पनाह देने वाला पाकिस्तान इन दिनों खुद परेशान है। दिल्ली में आतंकी धमाके के बाद इस्लामाबाद के कोर्ट परिसर में धमाका हुआ। इसे लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री दोनों की बौखलाहट देखने को मिल रही है।
एक बार फिर से खोखली धमकी
इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने ली है, इसके बावजूद दोनों नेताओं की घड़ी की सुई भारत पर अटक गई है। पाक के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत और अफगानिस्तान को एक बार फिर से खोखली धमकी दी है।
एक गैस सिलेंडर विस्फोट था
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दिल्ली के आतंकी धमाके को लेकर कहा, कल तक तो यह एक गैस सिलेंडर विस्फोट था। अब वे इसे विदेशी साजिश बताने की कोशिश कर रहे हैं।
दो मोर्चों पर ईस्टर्न और वेस्टर्न बॉर्डर
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत पाकिस्तान पर कभी भी आरोप लगा सकता है। वहीं, दूसरी ओर खुली धमकी देते हुए डिफेंस मिनिस्टर ने कहा, पाकिस्तान दो मोर्चों पर जंग लड़ने के लिए तैयार है। हम दो मोर्चों पर ईस्टर्न और वेस्टर्न बॉर्डर पर लड़ने के लिए तैयार हैं। अल्लाह ने राउंड वन में हमारी मदद की और वह राउंड दो में भी हमारी मदद करेंगे। बता दें, पाकिस्तान की पूर्वी सीमा भारत से लगती है, वहीं पश्चिमी सीमा अफगानिस्तान से लगी है, जिसे लेकर रक्षा मंत्री खोखली धमकी दे रहे हैं।
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
खैर, पाकिस्तान की ये बेचैनी जायज भी है। पहलगाम हमले के बाद भारत के प्रधानमंत्री ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया था कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद भारतीय सेना के वीर सपूतों ने ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। वहीं दिल्ली धमाके के बाद भूटान से पीएम मोदी ने दुनिया को मैसेज दिया कि जो भी दोषी है, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर का वो खौफनाक मंजर
ऐसे में पाकिस्तान को इस बात का अंदाजा तो लग चुका है कि भारत आगे क्या कर सकता है। ऑपरेशन सिंदूर से मिले जख्म पाकिस्तान अब तक भूल नहीं पाया है, ऐसे में इस बार अगर फिर इस घटना को पाकिस्तानी धरती से अंजाम दिया गया तो फिर उसकी खैर नहीं होगी। इस पूरे माहौल में पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर का वो खौफनाक मंजर जरूर याद आया होगा।
पाकिस्तान के पास पूरी ताकत है
वहीं, अफगानिस्तान को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ख्वाजा आसिफ ने लिखा, काबुल के शासक पाकिस्तान में आतंकवाद को रोक सकते हैं, लेकिन इस युद्ध को इस्लामाबाद तक लाना काबुल से एक संदेश है, जिसका जवाब देने के लिए पाकिस्तान के पास पूरी ताकत है।