लखनऊ। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश यूनियन बजट 2026-27 में उत्तर प्रदेश को इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं मिली हैं। बजट में पर्यावरण-अनुकूल और तेज विकास पर जोर देते हुए सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई, जिनमें से दो सीधे यूपी से जुड़े हैं। ये कॉरिडोर प्रदेश की आर्थिक गति को नई ऊंचाई देंगे और पर्यटन, व्यापार व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
'ग्रोथ कनेक्टर्स' के रूप में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
वित्त मंत्री ने पर्यावरण-अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को 'ग्रोथ कनेक्टर्स' के रूप में विकसित करने का ऐलान किया। इनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर शामिल हैं। दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (लगभग 958 किमी) पहले से ही डीपीआर स्तर पर उन्नत है, जिसमें अयोध्या स्पर भी शामिल है। यह दिल्ली से पूर्वांचल को तेज कनेक्टिविटी देगा। वहीं वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर पूर्वोत्तर भारत को वाराणसी से जोड़ेगा, जिससे उत्तर-पूर्व और यूपी के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी।
इनलैंड वॉटरवेज हब के रूप में विकसित होगा वाराणसी
बजट में वाराणसी में इनलैंड वॉटरवेज के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित करने की बड़ी घोषणा की गई है। यह पोर्ट पानी के जहाजों (इनलैंड वेसल्स) की मरम्मत और रखरखाव के लिए होगा, जो गंगा नदी मार्ग पर व्यापार और रोजगार बढ़ाएगा। पटना के साथ वाराणसी को इनलैंड वॉटरवेज हब के रूप में विकसित किया जाएगा।स्वास्थ्य क्षेत्र में भी यूपी को राहत मिलेगी।
सभी जिलों के अस्पतालों में होगा ट्रॉमा सेंटर
बजट में सभी जिलों के अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने और एमरजेंसी सुविधाओं को मजबूत करने का प्रावधान है। जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर मरीजों को त्वरित इलाज मिल सकेगा। मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर को मजबूत करने के लिए बेंगलुरू स्थित नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज के माडल जैसे संस्थानों की स्थापना भी प्रस्तावित है। ये घोषणाएं यूपी के लिए ऐतिहासिक हैं, खासकर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले।