.jpg%3Falt%3Dmedia%26token%3D0642eaee-8f51-45be-8652-f25b8088d18a&w=3840&q=75)
Union Minister CR Patil: राजधानी दिल्ली में स्वच्छता पखवाड़ा अभियान के तहत गुरुवार को कालिंदी कुंज स्थित यमुना घाट पर ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने खुद सफाई अभियान में हिस्सा लिया। पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नदी संरक्षण अब केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज का सामूहिक कर्तव्य बन गया है। उन्होंने यमुना को केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आस्था और पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक बताया। इस दौरान विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी ने कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया।
गांधी और दीनदयाल के विचारों से मिली प्रेरणा
पाटिल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गांधी जी का “स्वच्छता और स्वतंत्रता” का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छ नदियां भारत के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी हैं। यमुना नदी के पुनरुद्धार को उन्होंने आस्था और पर्यावरण के संतुलन का उदाहरण बताया। मंत्री ने कहा कि जब कोई अभियान सामूहिक संकल्प से जुड़ता है तो उसका असर ऐतिहासिक बदलाव की ओर ले जाता है।
यमुना की सफाई को मिला जनसमर्थन
इस कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं की उपस्थिति ने अभियान में नई ऊर्जा भर दी। स्कूली बच्चों ने नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। वहीं हजारों स्वयंसेवकों ने नदी किनारे सफाई कर यह साबित किया कि स्वच्छता केवल सरकार का नहीं बल्कि पूरे समाज का कर्तव्य है। नमामि गंगे मिशन से जुड़े इस अभियान के तहत दिल्ली में यमुना को साफ करने के लिए 10 में से 9 बड़े प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं, जिनमें अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी शामिल हैं। पाटिल ने भरोसा जताया कि सामूहिक प्रयास से यमुना फिर से निर्मल और जीवनदायिनी बनेगी।