1 फरवरी 2026 को संसद में पेश हुए केंद्रीय बजट ने भारत की अर्थव्यवस्था, विकास और भविष्य की दिशा को स्पष्ट कर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 9वें बजट भाषण में इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, महिलाओं, ग्रामीण भारत, MSME, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट पर बड़ा फोकस रखा। इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में 7% के आसपास ग्रोथ का अनुमान जताया गया है, और बजट 2026 उसी भरोसे को आगे बढ़ाता दिखता है।
आर्थिक विकास और सरकार का विज़न
बजट भाषण की शुरुआत में वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा स्थिरता, वित्तीय अनुशासन और नियंत्रित महंगाई से पहचानी जाती है। सरकार ने लोकलुभावनवाद की बजाय संरचनात्मक सुधारों को प्राथमिकता दी। घरेलू विनिर्माण क्षमता को मजबूत किया गया, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाई गई और आयात पर निर्भरता घटाई गई। रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता और सेवाओं तक सार्वभौमिक पहुंच ने भारत को करीब 7% GDP ग्रोथ दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने पर विशेष ज़ोर रहेगा। 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इंफ्रा परियोजनाएं जारी रहेंगी। इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड के ज़रिए आंशिक लोन गारंटी दी जाएगी और समर्पित REITs से रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रीसाइक्लिंग को बढ़ावा मिलेगा।
हाई-स्पीड रेल, जलमार्ग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट
बजट 2026 में दिल्ली-वाराणसी समेत 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है। दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर क्षेत्रीय विकास के लिए सेतु का काम करेंगे। अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित किए जाएंगे। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं स्थापित होंगी। इसके साथ ही समुद्री विमान (Sea Plane) के लिए VGF योजना शुरू की गई है।
महिलाओं और ग्रामीण भारत को सशक्त करने की पहल
महिला सुरक्षा और शिक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने हर जिले में एक गर्ल हॉस्टल बनाने का ऐलान किया है। ग्रामीण विकास के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना लाई गई है। ‘एक जिला-एक उत्पाद’ को बढ़ावा देकर ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा। भारत को सस्ते खेल सामान के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की भी योजना है।
MSME, मैन्युफैक्चरिंग और नए उद्योग
MSME सेक्टर को गति देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड प्रस्तावित है। 200 विरासत औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित किया जाएगा। आत्मनिर्भर भारत निधि में 2,000 करोड़ रुपये का टॉप-अप दिया गया है। TREDS को लेन-देन निपटान प्लेटफॉर्म के रूप में अनिवार्य किया गया है, जिससे MSME को सस्ती और आसान फाइनेंसिंग मिलेगी।
वस्त्र, खनिज और सेमीकंडक्टर मिशन
रेशम, ऊन और जूट के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी। मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित होंगे और समर्थ 2.0 के तहत कौशल उन्नयन किया जाएगा। ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में खनिज कॉरिडोर विकसित होंगे। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में निवेश बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये किया गया है।
ग्रीन इंडस्ट्री और बायोफार्मा
कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण के लिए 5 औद्योगिक क्षेत्रों में 20,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने के लिए ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना शुरू की गई है, जिसमें 10,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।