UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। बुधवार सुबह सैकड़ों की संख्या में आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थी विधानसभा का घेराव करने पहुंचे। जिसके बाद इलाके में भारी हंगामा और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
विरोध का अनोखा तरीका
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी अपने गले में झाड़ू और मटकी लटका कर पहुंचे थे, जो सरकार के प्रति उनके विरोध का एक प्रतीकात्मक तरीका था। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप सरकार दलित और पिछड़ों को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। सुप्रीम कोर्ट में लंबित केस में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की तरफ से वकील नहीं खड़ा हो रहा है। जिसकी वजह से मामले की पैरवी नहीं हो रही है।
यूपी : लखनऊ में 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी नौकरी मांगने विधानसभा जा रहे थे। पुलिस उन्हें इस तरह टांग–टांगकर बसों में भरकर ले गई और ईको गार्डन में छोड़ आई। pic.twitter.com/TGmaol1MjQ
— Sachin Gupta (@Sachingupta) April 22, 2026
अभ्यर्थियों को बसों में भरकर इको गार्डन भेजा गया
जैसे ही अभ्यर्थियों का हुजूम विधानसभा के करीब पहुंचा, भारी संख्या में तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। अभ्यर्थियों को हिरासत में भी लिया गया है। पुलिस ने बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें बसों में भरकर इको गार्डन धरना स्थल पर भेज दिया।
अब तक लागू नहीं किया गया
आपको बता दें कि अभ्यर्थी बीते 3 सालों से 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षण महा घोटाले का आरोप लगा रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में जून 2020 और जनवरी 2022 की चयन सूचियों को रद्द कर दिया था। साथ ही इलाहाबाद हाई कोर्ट की डबल बेंच ने अगस्त 2024 में पूरी चयन सूची को रद्द करते हुए 3 महीने के भीतर नई सूची जारी करने का आदेश दिया था, जिसे अब तक लागू नहीं किया गया है। मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं लड़ रही है, जिससे तारीख पर तारीख मिल रही है।