
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, जो चार दिनों तक चलेगा. इस सत्र की सबसे खास बात यह है कि 13 अगस्त को विकास के मुद्दे पर लगातार 24 घंटे चर्चा होगी, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड होगा. योगी सरकार इस चर्चा के जरिए “विकसित भारत, विकसित यूपी – विजन डॉक्यूमेंट 2047” पर अपना रोडमैप पेश करेगी. 13 अगस्त सुबह 11 बजे से 14 अगस्त दोपहर 2 बजे तक बिना रुके चर्चा चलेगी. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्री अपने-अपने विभागों की योजनाओं और विकास का विजन पेश करेंगे. विपक्ष को भी सवाल पूछने और सुझाव देने का मौका मिलेगा. इस चर्चा को ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी विधायकों को “विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश” नाम की किताब दी गई है, जिसमें 1950 से अब तक यूपी के विकास की यात्रा लिखी गई है.
सत्ता और विपक्ष का एजेंडा
योगी सरकार विकास को केंद्र में रखकर सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश करेगी. साथ ही बांके बिहारी कॉरिडोर ऑर्डिनेंस और उच्च शिक्षा से जुड़े अहम विधेयक पास कराने की योजना है. वहीं विपक्ष कानून-व्यवस्था, बिजली के निजीकरण, बाढ़ की स्थिति और स्कूल मर्जर जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है.
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 24 घंटे सदन चलाने के फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि “नौ साल में कुछ नहीं किया, अब 24 घंटे में क्या कर लेंगे?” कांग्रेस ने भी मांग की है कि विजन डॉक्यूमेंट में विपक्ष के सुझाव शामिल किए जाएं.
बांके बिहारी कॉरिडोर विवाद
योगी सरकार इस सत्र में बांके बिहारी कॉरिडोर ऑर्डिनेंस पेश कर सकती है. मथुरा स्थित बांके बिहारी मंदिर के विकास और आसपास की 5 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए पहले ही अध्यादेश जारी किया गया था. लेकिन मंदिर के गोस्वामी परिवार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद कोर्ट ने ट्रस्ट गठन पर रोक लगा दी और एक हाई कोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में समिति बनाने का आदेश दिया. अंतिम फैसला आने के बाद ही कॉरिडोर का काम आगे बढ़ेगा.
सत्र से उम्मीदें और अपील
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सर्वदलीय बैठक में सभी दलों से सहयोग की अपील की. उन्होंने कहा कि तार्किक और तथ्यपरक चर्चा से ही जनता की समस्याओं का हल निकलेगा. बैठक में भाजपा, सपा, कांग्रेस, बसपा, अपना दल (एस), आरएलडी, सुभासपा, निषाद पार्टी और जनसत्ता दल के नेता मौजूद रहे. कुल मिलाकर यूपी विधानसभा का यह मॉनसून सत्र एक तरफ विकास के मुद्दे पर 24 घंटे की ऐतिहासिक चर्चा के लिए याद रखा जाएगा, तो दूसरी तरफ सत्ता और विपक्ष के बीच तीखे सियासी हमलों के लिए भी.