
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने माहौल को चुटकी में गंभीर से हल्का-फुल्का और फिर गरमा-गरम बना दिया. मामला जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पानी पहुंचाने से जुड़ा था, लेकिन चर्चा के बीच योगी सरकार के मंत्री ने सपा विधायक से अचानक कह दिया, “अपनी बीवी की कसम खाकर कहिए कि आपके गांव में पानी नहीं पहुंच रहा.”
सपा विधायक का आरोप
सपा विधायक फहीम इरफान ने सदन में आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन की स्थिति बेहद खराब है. पानी का प्रेशर इतना कम है कि आधे घंटे में सिर्फ एक बाल्टी भर पाती है. हैंडपंप हटा दिए गए, जिससे गांवों में पानी का दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा. ठेकेदारों ने पहले सड़कें तोड़ दीं, फिर पानी के टैंक बनाए, लेकिन कई जगह टंकियां गिर गईं. इन हादसों में कुछ लोगों की जान भी गई, पर मुआवजा अब तक नहीं मिला.
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उन्होंने कहा कि टेंडर लेने वाले ठेकेदारों ने मनमानी की, काम अधूरा छोड़ा और कई जगह पानी की पाइपलाइन इतनी खराब है कि लोग बीमार हो रहे हैं. फहीम इरफान ने यह भी कहा कि सरकार की रिपोर्ट गलत है, "रिपोर्ट में लिखा है कि 1 लाख 96 हजार सड़कों में से 1 लाख 90 हजार ठीक हो गईं, लेकिन ये झूठ है."
मंत्री का जवाब, “बीवी की कसम खाकर कहें”
इस पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पलटवार करते हुए आंकड़े पेश किए. प्रदेश में 5,63,992 किलोमीटर वितरण प्रणाली में से 5,15,000 किलोमीटर बिछाई जा चुकी है. बाकी 1,90,105 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत हो चुकी है.
इसके बाद मंत्री ने चुनौती देते हुए कहा, “अपनी बीवी की कसम खाकर कहिए कि आपके गांव में पानी नहीं पहुंचा. अगर आपके गांव में पानी नहीं पहुंचा तो मैं आज ही इस्तीफा दे दूंगा.”
सपा विधायक का पलटवार
फहीम इरफान ने कहा, “मेरे गांव की बात छोड़िए, किसी एक जिले की जांच करा लें. लेकिन बीवी की कसम खाने जैसी बात न करें. अगर जांच में मेरे आरोप गलत निकले तो मैं खुद विधानसभा से इस्तीफा दे दूंगा.” इस तरह सदन में पानी की सप्लाई के मुद्दे पर हुई चर्चा कसम, इस्तीफा और चुनौती तक पहुंच गई, जिससे पूरे सत्र में हलचल मच गई.