उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए चीन की सात प्रमुख फुटवियर कंपनियों ने कानपुर और आगरा में प्रस्तावित फुटवियर पार्क में 2500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है. इससे करीब 10 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है. यह जानकारी यूपी सरकार और चर्म निर्यात परिषद (सीएलई) के चीन दौरे के बाद सामने आई है.
चीन में व्यापक औद्योगिक संवाद
प्रमुख सचिव आलोक कुमार के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने फुजियान प्रांत की जिनजियांग इंटरनेशनल शूज एंड टेक्सटाइल सिटी और गुआंगजौ में दक्षिण पूर्व एशिया फुटवियर फेयर का दौरा किया. यहां नाइकी, प्यूमा और क्रॉक्स जैसे ब्रांड्स के साझेदार एवरवान ग्रुप समेत कई कंपनियों ने यूपी में निवेश में रुचि दिखाई.
चीन की कंपनियों ने जताई निवेश रुचि
निवेश के इच्छुक प्रमुख नामों में लियू सुइलोंग, एलेक्स कै, डिंग चिंग खी, यिहुआंग डिंग, होंग जी जियान, झोंगताई और ग्वांगडोग शू मैन्युफैक्चर्स शामिल हैं. ये कंपनियां फुटवियर मशीनरी, विशेष वस्त्र, मोल्ड, सिलाई मशीनों और संपूर्ण ईको-सिस्टम में निवेश करेंगी.
रोजगार और नीतिगत समर्थन का वादा
कानपुर के रमईपुर (131.69 एकड़) और आगरा (300 एकड़) में विकसित किए जा रहे पार्कों से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा. यूपीसीडा के अनुसार, इन निवेशों को आकर्षित करने के लिए सरकार नई लेदर व फुटवियर नीति-2025 के तहत स्टांप ड्यूटी छूट और सब्सिडी जैसी सुविधाएं देगी.
नीतियों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में देश का दूसरा सबसे बेहतर राज्य बना है. वीजा प्रक्रिया को सरल करने के भारत सरकार के आश्वासन के बाद छह और निवेशकों ने 1500 करोड़ के अतिरिक्त निवेश की रुचि जताई है, जिससे यूपी का भविष्य उज्ज्वल नजर आ रहा है.