UP News: यूपी बोर्ड की परीक्षाएं पांच फरवरी 2027 से शुरू होंगी। इसे देखते हुए अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शिक्षकों को रिवर्स टाइम टेबल बनाकर निर्धारित समय में पाठ्यक्रम पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले पुनरावृत्ति का पर्याप्त अवसर मिल सकेगा। बुधवार को राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (एसआईईटी), लखनऊ से यूट्यूब लाइव संवाद में उन्होंने शैक्षिक सत्र 2026-27 की प्राथमिकताएं बताईं।
मॉक टेस्ट देने की सलाह दी
उन्होंने विद्यार्थियों को मॉडल प्रश्नपत्रों के जरिए ढाई से तीन घंटे के मॉक टेस्ट देने की सलाह दी। उत्तर लिखते समय महत्वपूर्ण बिंदुओं को रेखांकित करने, जरूरत के अनुसार चित्र और ग्राफ बनाने तथा शब्द सीमा का ध्यान रखने को कहा। अभिभावकों से बच्चों पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाने की अपील करते हुए प्रतिदिन 15 से 20 मिनट खेलकूद के लिए निकालने पर जोर दिया।
निपुण आकलन के दो चरण
सेन शर्मा ने बताया कि निपुण भारत मिशन को कक्षा पांच तक विस्तारित करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। विद्यार्थियों का आकलन 20 से 30 दिसंबर और फिर 20 से 30 जनवरी के बीच होगा। डीएलएड और बीटीसी प्रशिक्षु मूल्यांकन करेंगे। इसका उद्देश्य विद्यालयों की कमियां पहचानकर सुधार करना है।
भर्ती और पोषण पर भी जोर
कमजोर विद्यार्थियों के लिए 22 सूत्रीय कैच-अप योजना के तहत प्रतिदिन 30 मिनट से एक घंटे तक अतिरिक्त शिक्षण कराने को कहा गया है। प्रयोगशालाओं और स्मार्ट कक्षाओं के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने बताया कि नगर क्षेत्र में 11 हजार शिक्षकों तथा माध्यमिक और सहायता प्राप्त विद्यालयों में 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। नवंबर से पीएम पोषण योजना के तहत 14 सप्ताह तक बच्चों को पूरक पोषण में गर्म हलवा और उपमा भी दिया जाएगा।