उत्तर प्रदेश विधान मंडल का बजट सत्र सोमवार से शुरू हुआ, लेकिन पहले ही दिन माहौल पूरी तरह गरमा गया। लखनऊ में विधान भवन के बाहर और भीतर विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। खास तौर पर समाजवादी पार्टी के विधायक तख्तियां लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होनी थी, लेकिन उससे पहले ही सियासी तापमान चढ़ चुका था।
विधान भवन परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधान भवन परिसर में विपक्षी विधायकों ने प्रदर्शन किया। महंगाई, बेरोजगारी, एसआईआर और यूजीसी जैसे मुद्दों को लेकर नारेबाजी हुई। समाजवादी पार्टी के विधायक हाथों में तख्तियां लेकर सरकार को घेरते नजर आए। कांग्रेस की विधान मंडल दल नेता आराधना मिश्रा मोना भी इस प्रदर्शन में सपा विधायकों के साथ शामिल रहीं। वहीं, सपा विधायक पल्लवी पटेल इस प्रदर्शन से दूर रहीं और अपनी सीट पर ही बैठी रहीं।
अभिभाषण के दौरान सदन में हंगामा
जैसे ही आनंदीबेन पटेल ने विधानसभा में अपना अभिभाषण शुरू किया, विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। सपा विधायक लगातार सरकार के खिलाफ आवाज उठाते रहे। हंगामे के बीच भी राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा। इसी दौरान उन्होंने विपक्षी विधायकों से शांत होने की अपील करते हुए कहा कि ज्यादा चिल्लाने से गला बैठ जाएगा।
ये भी पढ़ें : परीक्षा पे चर्चा 2026 का दूसरा एपिसोड आज, पीएम मोदी ने किया छात्रों से सीधा संवाद, बच्चों के साथ शेयर किया स्टार्टअप का मंत्र
30 मिनट में पूरा हुआ राज्यपाल का संबोधन
करीब 84 साल की उम्र में भी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पूरे आत्मविश्वास के साथ लगभग 30 मिनट में अपना अभिभाषण पूरा किया। अपने भाषण में उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि राज्य में करीब छह करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। लगातार हंगामे के बावजूद अभिभाषण बिना रुके पूरा किया गया।
योगी बोले, हंगामे से नहीं संवाद से चलती लोकतंत्र
सदन की शुरुआत के दौरान योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि विधान मंडल लोकतंत्र का अहम स्तंभ है और यह बातचीत से चलता है, न कि हंगामे से। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यवाही में बाधा डालना उन्हीं मुद्दों को कमजोर करता है, जिन्हें उठाने की बात कही जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार पहली बार अपनी आर्थिक उपलब्धियों को इकोनॉमिक सर्वे के जरिए सदन में रखेगी।
बजट और आगे की कार्यवाही का रोडमैप
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विधायी कार्य निपटाए जाएंगे। मंगलवार को सदन की कार्यवाही पूर्व और वर्तमान दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद स्थगित कर दी जाएगी। बुधवार को राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी। बजट सत्र की शुरुआत जिस हंगामे के साथ हुई है, उससे साफ है कि आने वाले दिन भी सदन में सियासी टकराव देखने को मिल सकता है।