Yogi Cabinet Meeting: प्रदेश की योगी सरकार रामनगरी अयोध्या में अब एक और आकर्षण देने जा रही है। यहां विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय बनवाया जाएगा। इस संग्रहालय के निर्माण व संचालन के लिए 15 मार्च 2024 को टाटा एण्ड संस के साथ प्रदेश सरकार ने एक करार किया था जिसमें टाटा एण्ड संस को 25 एकड जमीन दी गयी थी मगर बाद में टाटा एण्ड संस ने इतनी जमीन को नाकाफी बताया। इस नाते मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में टाटा एण्ड संस को अब कुल 52 दशमलव 102 एकड जमीन दिये जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति हुई।
21 प्रस्ताव रखे गये
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां लोकभवन में यूपी कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें कुल 21 प्रस्ताव रखे गये जिसमें एक प्रस्ताव को पुर्नविचार के लिए भेजे जाने का फैसला हुआ। शेष 20 प्रस्तावों पर सहमित की मुहर लगी। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने मीडिया को दी।
राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाडियों को राहत
उन्होंने बताया कि अयोध्या में बनने वाला विश्व स्तरीय मंदिर संग्रहालय भारत व भारत के बाहर स्थित मंदिरों के स्थापत्य, वास्तुकला, शिल्प और अन्य विशिष्टताओं को प्रदर्शित करेगा। इसके अलावा यूपी कैबिनेट ने एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव को सहमित प्रदान की। इसके तहत राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाडियों को राहत प्रदान की गयी है।
2022 के तहत नियोजित खिलाडियों को ही मिलेगा
सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाडियों को अभ्यास, राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के अंतराल, प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने की अवधि और आने जाने में लगने वाले समय की अवधि को ड्यूटी माना जाएगा। प्रदेश सरकार के इस फैसले से राज्य के राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाडियों को काफी राहत मिलेगी। पहले इस बाबत अनुमति मांगने आदि की प्रक्रिया में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पडता था। यह लाभ प्रदेश की राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाडी सीधी भर्ती नियमावली 2022 के तहत नियोजित खिलाडियों को ही मिलेगा।
दिव्यांगजन पुर्नवास केन्द्र बनवाएगी
राज्य सरकार ने अब हर मण्डल मुख्यालय पर जिला दिव्यांगजन पुर्नवास केन्द्र बनवाएगी। इस केन्द्र के जरिये पूरे मण्डल में दिव्यांगजनों के सर्वेक्षण, चिन्हांकन, सहायक उपकरण उपलब्ध करवाने, दिव्यांगता की पहचान, उसकी रोकथाम के उपाय, फिजियोथेरैपी, स्पीच थेरैपी, दिव्यांगजन प्रमाण पत्र जारी करने में मदद आदि की सुविधाएं मुहैया होंगी।