उत्तर प्रदेश में भीषण ठंड और गलन को देखते हुए माध्यमिक विद्यालयों के समय में बदलाव किया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव के आदेश के मुताबिक अब सभी माध्यमिक विद्यालय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेंगे। पहले स्कूलों का समय साढ़े नौ बजे से साढ़े तीन बजे तक था, जिसे घटाकर एक घंटा कम कर दिया गया है। यह आदेश प्रदेश के सभी बोर्ड और माध्यमिक विद्यालयों पर लागू होगा। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के तहत 12वीं तक के छात्रों को 1 जनवरी तक अवकाश दिया गया है, इसलिए बदला हुआ समय अब 2 जनवरी से प्रभावी माना जाएगा।
कई जिलों में स्कूल पूरी तरह बंद
कड़ाके की ठंड को देखते हुए कुछ जिलों में स्कूलों को पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया गया है। रायबरेली, गोंडा, अयोध्या और वाराणसी में कक्षा 1 से 8 तक के सभी बोर्ड के स्कूल 29 और 30 दिसंबर को बंद रहेंगे। हालांकि इन स्कूलों में शिक्षक और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि बच्चों को शीतलहर और गलन से बचाना प्राथमिकता है, इसलिए यह फैसला लिया गया है। जिलाधिकारियों को हालात के अनुसार आगे भी निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।
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37 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए उत्तर प्रदेश के 37 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर समेत 12 जिलों में शीत दिवस की चेतावनी दी गई है। रविवार को आगरा, प्रयागराज, कानपुर और सहारनपुर में दृश्यता शून्य तक पहुंच गई। फतेहपुर में सिर्फ 10 मीटर, मेरठ में 15 मीटर और हमीरपुर में 20 मीटर दृश्यता दर्ज की गई। मेरठ और इटावा में न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे ठंडी रात रही।
अभी नहीं मिलेगी ठंड से राहत
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश में ठंड और कोहरे से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में पश्चिमी हवाओं के कारण गलन बढ़ी है। इसके चलते जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। मजदूरों, पल्लेदारों और छोटे व्यापारियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इसके बाद हल्की धूप निकलने से तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन तब तक लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।