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UP Crime News: छपार टोल प्लाजा के मैनेजर की अपहरण के बाद चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद बदमाश शव को जानी थाना क्षेत्र के भोला गांव के पास फेंक कर भाग गए। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। मुजफ्फरनगर जिले छपार टोल प्लाजा पर 30 वर्षीय अरविंद पांडे निवासी फूलपुर धराव गांव जिला चंदौली मैनेजर के पद पर तैनात थे। शुक्रवार शाम को उनका शव जानी थाना क्षेत्र के भोला गांव के पास पड़ा मिला। इसकी सूचना ग्रामीणों ने यूपी-112 पर दी। सूचना मिलते ही जानी थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त का प्रयास करने लगे।
छपार पुलिस तलाश करती रही
इसी बीच वहां छपार थाने की पुलिस भी मैनेजर को तलाश करती हुई पहुंच गई। छपार थाना पुलिस ने शव की पहचान टोल मैनेजर अरविंद के रूप में की। छपार थाना पुलिस के मुताबिक टोल मैनेजर का टोल पर तैनात दो कर्मचारियों से विवाद हो गया था।
टोल पर विवाद तो वजह नहीं
पुलिस का मानना है कि उन्हीं दो टोल कर्मचारियों ने अगवा करने के बाद मैनेजर की चाकुओं से गोदकर हत्या की और शव को जानी थाना क्षेत्र में फेंक कर भाग गए। बताया जा रहा है कि छपार थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों की हिरासत में ले रखा है। बावजूद इसके पुलिस आरोपियों की तलाश में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस ने अरविंद के परिजनों को सूचित कर दिया है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि अपहरण करने में टोल पर कार्यरत भौराकला क्षेत्र के दो कर्मचारियों का भी हाथ है उनकी गिरफ्तारी को टीम गठित की गई है
छपार पुलिस चौकस होती तो बच जाती जान
मुजफ्फरनगर। गुरुवार की रात्रि में बदमाशों ने हाइवे के छपार क्षेत्र में बरला टोल प्लाजा के मैनेजर को धारदार हथियारों से पीटकर लहुलूहान कर दिया ओर उसके साथी का अपहरण करके ले गये। इसकी सूचना भी पुलिस को दे दी गई लेकिन पुलिस शांत बैठी रही। वह चौकस होती तो मैनेजर की जान बच जाती।
गेस्ट हाउस से खींच कर ले गए
मुजफ्फरनगर के छपार थाना क्षेत्र के अंतर्गत छपार और बरला के बीच नेशनल हाईवे पर बने टोल प्लाजा से 200 मीटर की दूरी पर टोल का गेस्टहाऊस है। बृहस्पतिवार की रात्रि में मेनेजर मुकेश चौहान व उसका साथी असिस्टेंट मैनेजर अरविंद पांडे गेस्टहाऊस में सोये हुए थे। लगभग डेढ़ बजे कुछ बदमाश वहां पहुंचे ओर गेस्टहाऊस का दरवाजा अरविंद से खुलवाकर उसे घसीट कर बाहर ले गये।
टोल कर्मियों ने की थी शिकायत
टोल कर्मियों ने रात्रि में ही जिला चिकित्सालय में अपने मैनेजर का उपचार कराया ओर थाने में तहरीर दी । टोल मेनेजर ने गुरुवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलकर बताया कि उन्होंने रात्रि में ही थाने में तहरीर दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।