यूपी के तीन बड़े शहर मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि इस बड़े प्रोजेक्ट का सबसे अधिक फायदा उन इलाकों को मिलने जा रहा है जहाँ वर्षों से विकास कार्य ठप थे और जहां मुस्लिम आबादी भी अधिक है। योगी सरकार का कहना है कि इस बार शहरों का विकास सिर्फ सड़कों और इमारतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर मोहल्ले की जरूरत, स्थानीय पहचान और सांस्कृतिक संरचना को ध्यान में रखकर प्लान तैयार किया गया है। कुल 478 प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी गई है, जिनमें मेरठ में 111, कानपुर में 109 और मथुरा-वृंदावन में 258 शामिल हैं।
मेरठ को मिलेगा योगी के प्रोजेक्ट का फायदा
मेरठ में इस बार शहरी ट्रांसफॉर्मेशन बड़े स्तर पर होने वाला है। बिजली बम्बा बाईपास को लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर मॉडल पर पीपीपी मोड में विकसित करने की योजना सबसे बड़ा आकर्षण है। हापुड़ अड्डा–गांधी आश्रम रोड, सूरजकुंड चौराहा और ईस्टर्न कचहरी रोड जैसे भीड़भाड़ वाले और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण, जंक्शन इम्प्रूवमेंट और पार्कों के सौंदर्यीकरण का काम किया जाएगा। इसके साथ ही शताब्दी नगर एसटीपी से मोहकमपुर औद्योगिक क्षेत्र तक पानी के पुनर्चक्रण की नई व्यवस्था बनाई जाएगी, जिसका सीधा फायदा दुकानदारों, छोटे कारोबारी इलाकों और कामगार परिवारों को मिलेगा।
मास्टर प्लान बदलेगा कानपुर शहर की तस्वीर
कानपुर के लिए तैयार किया गया मास्टर प्लान शहर की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाला है। “रूटेड इन लेगेसी, राइजिंग टू टुमॉरो” कॉन्सेप्ट के तहत तंग गलियों, पुराने बाजारों और घनी आबादी वाले मुस्लिम इलाकों को आधुनिक शहरी मॉडल से जोड़ा जाएगा। मैनावती मार्ग का चौड़ीकरण, मल्टीलेवल पार्किंग, ग्रीन पार्क क्षेत्र का अर्बन डिज़ाइन सुधार, मकसूदाबाद सिटी फॉरेस्ट, बोटैनिकल गार्डन, वीआईपी रोड अपग्रेडेशन और रिवरफ्रंट लिंक प्रमुख प्रोजेक्ट हैं। सबसे बड़ा बदलाव ग्रेटर कानपुर प्रोजेक्ट के रूप में आएगा, जो 3000 एकड़ में बनेगा और इसमें मेडिसिटी, ईवी पार्क और MSME इंडस्ट्रियल हब भी शामिल होगा। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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धार्मिक पर्यटन आधुनिक सुविधाओं से जुड़ेगा
मथुरा-वृंदावन के लिए तैयार किया गया विजन-2030 धार्मिक पर्यटन को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने पर केंद्रित है। बरसाना, गोवर्धन और राधाकुंड तक नए मार्ग, पार्किंग, स्ट्रीट फसाड डेवलपमेंट, प्रकाश व्यवस्था और परिक्रमा मार्ग सुधार जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन क्षेत्रों से जुड़े छोटे कस्बे और मुस्लिम आबादी वाले इलाकों को भी इस नए शहरी मॉडल में शामिल किया जा रहा है, जिससे इन शहरों का समग्र विकास संभव हो सके। मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरे हों, समयसीमा का पालन हो और जहां संभव हो, निजी निवेश की भागीदारी बढ़ाई जाए।