उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयासरत है. इसी दिशा में सरकार ने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 28 में एक अत्याधुनिक फ्लैटेड फैक्ट्री परिसर बनाने का निर्णय लिया है. इस परियोजना पर लगभग 125 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. फ्लैटेड फैक्ट्री EPC (Engineering, Procurement, and Construction) मॉडल के तहत 24 महीने में तैयार होगी. इसमें छोटे व्यवसायों के लिए पूरी तरह सुसज्जित यूनिट्स उपलब्ध होंगी, जो MSME संचालन को सुविधाजनक बनाएंगी. इस पहल से क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे.
यह फैक्ट्री परिसर ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-28 में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) द्वारा विकसित किया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के लिए प्रारंभिक सर्वेक्षण और मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है. निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा
योजना के अनुसार यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा एक साझा औद्योगिक परिसर स्थापित किया जाएगा. जिसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य इन इकाइयों की उत्पादन लागत और अन्य परिचालन खर्चों में कमी लाना है. YEIDA की ओर से यह इकाइयाँ पूरी तरह से तैयार और आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित होंगी, ताकि MSMEs बिना किसी रुकावट के अपना उत्पादन और संचालन शीघ्रता से आरंभ कर सकें.
रोजगार सृजन में निभाएगी महत्वपूर्ण भूमिका
अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश में पहले से स्थापित बड़े एमएसएमई नेटवर्क के मद्देनज़र, यह परियोजना न केवल नए निवेश आकर्षित करने में सहायक होगी, बल्कि रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. यह परियोजना इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन मॉडल पर आधारित होगी. इसके अंतर्गत निर्माण के बाद तीन वर्षों तक डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड प्रदान किया जाएगा.
यह 'फ्लैटेड' फैक्ट्री एक बहुमंजिला संरचना होगी. जिसमें एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और तीन अतिरिक्त मंजिलें शामिल होंगी. कुल मिलाकर, यह परियोजना 38,665 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में फैली होगी. जो MSME इकाइयों के लिए एक आदर्श उत्पादन स्थल प्रदान करेगी.
भविष्य की आवश्यकताओं का रखा जाएगा ध्यान
योजना के तहत मुख्य बहुमंजिला भवन के अतिरिक्त, सरकार भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक समग्र औद्योगिक परिसर विकसित करेगी. अधिकारियों के अनुसार इस 'फ्लैटेड फैक्ट्री' में आंतरिक जल आपूर्ति, विद्युत आपूर्ति, अग्नि सुरक्षा प्रणाली, लिफ्ट, और हीटिंग, वेंटिलेशन एवं एयर कंडीशनिंग (HVAC) जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी. जो MSME इकाइयों की उत्पादन आवश्यकताओं को पूरा करेंगी.
हाईवे से सीधे जुड़ेगी
यह विशेष 'फ्लैटेड' फैक्ट्री हाईवे से सीधे जुड़ी होगी, जिससे माल की आवाजाही सरल और तेज़ होगी. अधिकारियों के अनुसार परिसर में पहले से स्थापित सुरक्षा सुविधाएं जैसे सीसीटीवी कैमरे, एक्सेस कंट्रोल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम उपलब्ध होंगे. इसके अतिरिक्त, बिल्डिंग की डिज़ाइन को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप बनाने का प्रस्ताव है. जिससे पर्यावरणीय प्रभाव कम
होगा और ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी.
अधिकारियों के अनुसार, इस औद्योगिक कॉम्पलेक्स में MSME इकाइयों की स्थापना को सरल और त्वरित बनाने के लिए सरकार व्यापक बुनियादी सुविधाएं प्रदान करेगी. इनमें चारदीवारी, प्रवेश द्वार, गार्ड रूम, आंतरिक सड़कें, पार्किंग, जल निकासी, सीवेज, जलापूर्ति, प्लंबिंग पंप, अग्नि सुरक्षा प्रणाली और भूनिर्माण जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इन सुविधाओं के साथ MSME इकाइयां बिना किसी अतिरिक्त खर्च के शीघ्रता से अपना उत्पादन शुरू कर सकेंगी, जिससे उनकी स्थापना की प्रक्रिया सुगम और लागत-कुशल होगी.