UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा के सामने अब मतदाता सूची का मुद्दा बड़ी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में हुई भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची से करीब 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम गायब होने का दावा करते हुए संगठन को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आबादी के अनुपात में 16 करोड़ से अधिक मतदाता होने चाहिए, जबकि मौजूदा सूची में करीब 13 करोड़ नाम ही हैं। यह स्थिति चुनावी दृष्टि से चिंताजनक है।
महिलाओं पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची में नाम नहीं होने से नगरीय क्षेत्र की 28 सीटों पर भाजपा का चुनावी गणित प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा 45 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां हार-जीत का अंतर बेहद कम रहता है। उन्होंने बताया कि करीब 66 लाख ऐसे लोग हैं, जिनके नाम पंचायत की मतदाता सूची में दर्ज हैं, लेकिन विधानसभा की सूची में नहीं हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लगभग 55 लाख लोगों के नाम भी मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। वहीं 18 से 19 वर्ष की आयु के करीब साढ़े चार लाख युवाओं के नाम भी सूची से छूटे हुए हैं। दूसरे राज्यों से विवाह करके आई महिलाओं के नाम भी मतदाता सूची में शामिल कराने की जरूरत है।
सोशल मीडिया पर सक्रिय
योगी ने कहा कि पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में महज चार लाख मतदाताओं के नाम बढ़ना लापरवाही का संकेत है। कार्यकर्ताओं को कमल साथी ऐप पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने का अभियान चलाना चाहिए। सांसद, विधायक और जिला प्रभारी इसकी नियमित समीक्षा करें। उन्होंने करीब 1.63 लाख बूथों को सोशल मीडिया पर सक्रिय करने और सरकार के कामकाज को डिजिटल माध्यमों से जनता तक पहुंचाने का निर्देश भी दिया। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से विपक्ष के नकारात्मक प्रचार का जवाब देने और बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ कोई नकारात्मक माहौल नहीं है, लेकिन विपक्ष के नैरेटिव को तथ्यों के साथ जवाब देना होगा। कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए गरीब केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन देने की जिम्मेदारी है। मौजूदा सरकार में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
तीसरी बार सरकार बनी तो यूसीसी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यसमिति का उद्घाटन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 2027 के चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने के लक्ष्य के साथ जुटने को कहा। शाह ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है और चुनाव में जीत संगठन के बूते ही मिलती है। उन्होंने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष चुनाव हारने के बाद अपनी कमियों की समीक्षा करने के बजाय चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाता है। उन्होंने योगी सरकार की कानून-व्यवस्था और निवेश के लिए बने माहौल की भी सराहना की।
क्या बोले विनोद तावडे
भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने साफ कहा कि विधानसभा चुनाव में टिकट चाटुकारिता से नहीं, बल्कि जमीन पर काम करने से मिलेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ प्रबंधन, घर-घर संपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रियता बढ़ाने का संदेश दिया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।