UP Election Seat Sharing : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। गठबंधन में साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या को लेकर मतभेद सामने आने लगे हैं। कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के सामने करीब 200 विधानसभा सीटों पर अपनी दावेदारी पेश की है। यह संख्या प्रदेश की कुल 403 सीटों में से लगभग आधी है। हालांकि, कांग्रेस की यह मांग अंतिम सीट बंटवारे का आंकड़ा नहीं है, लेकिन इससे दोनों दलों के बीच बातचीत चुनौतीपूर्ण होने के संकेत मिल रहे हैं।
खरगे के जरिए अखिलेश तक पहुंची सूची
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी दावेदारी वाली सीटों की सूची गोपनीय तरीके से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंचाई है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के स्तर से यह सूची सपा नेतृत्व को सौंपी गई। इसमें उन विधानसभा क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, जहां कांग्रेस के सांसद हैं या पार्टी का संगठन सक्रिय है। कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक स्थिति और स्थानीय संगठन की मजबूती को आधार बनाकर इन सीटों पर दावा किया है। पार्टी का मानना है कि इन क्षेत्रों में चुनाव लड़ने का उसे अवसर मिलना चाहिए।
दिल्ली में तैयार हुई सीटों की रणनीति
सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच दिल्ली में बैठक भी हुई थी। इस बैठक में प्रियंका गांधी शामिल हुई थीं। कांग्रेस नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश के नेताओं से अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति पर फीडबैक लिया। इसी जानकारी के आधार पर करीब 200 सीटों की सूची तैयार की गई। पार्टी अब इन सीटों के जरिए गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करना चाहती है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से 200 सीटों पर दावा करने और वास्तव में इतनी सीटों पर चुनाव लड़ने के बीच बड़ा अंतर हो सकता है।
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125 सीटें चाहती है कांग्रेस
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस विधानसभा चुनाव में करीब 125 से 130 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी उसे केवल 40 से 50 सीटें देने के पक्ष में बताई जा रही है। सपा नेतृत्व का तर्क है कि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन अपेक्षा के मुताबिक नहीं रहा था। इसलिए उसे बहुत ज्यादा सीटें देना राजनीतिक रूप से उचित नहीं होगा। इस अंतर के कारण दोनों पार्टियों के बीच सहमति बनाना आसान नहीं दिख रहा है।
अपनी सीटें बचाना चाहती है सपा
समाजवादी पार्टी इस बार 403 विधानसभा सीटों में से करीब 340 से 350 सीटों पर अपने चुनाव चिह्न से उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 347 सीटों पर अपने सिंबल से चुनाव लड़ा था। सूत्रों के मुताबिक, सपा ने कांग्रेस से उसकी दावेदारी वाली सीटों पर संभावित उम्मीदवारों के नाम भी मांगे हैं। इससे पार्टी यह आकलन करना चाहती है कि किन क्षेत्रों में कांग्रेस वास्तव में मजबूत है। फिलहाल सपा ने संकेत दिया है कि सीटों पर बातचीत पूरी होने तक कांग्रेस की दावेदारी वाली सीटों पर अपने आधिकारिक उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी। ऐसे में गठबंधन की अंतिम तस्वीर सीटों पर होने वाली बातचीत के बाद ही साफ होगी।