उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ शुरू की है. इस योजना के तहत युवाओं को बिना किसी गारंटी और ब्याज के 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जा रहा है, ताकि वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें.
लक्ष्य – 10 लाख युवाओं को स्वरोजगार के अवसर
सरकार की योजना है कि आने वाले 10 वर्षों में 10 लाख युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं. “हर कदम उद्यमिता की ओर, हर युवा आत्मनिर्भरता की ओर” के संकल्प के साथ यह योजना युवाओं के सपनों को उड़ान देने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है.
अब तक लाखों आवेदन, हजारों को मिला लाभ
16 मई 2025 तक योजना के तहत 2,44,045 आवेदन मिले हैं, जिनमें से 1,10,105 बैंकों को भेजे गए. इनमें से 53,649 को मंजूरी मिल चुकी है और 39,835 युवाओं को लोन वितरित हो चुका है.
महिलाओं और पिछड़े वर्गों को भी विशेष लाभ
इस योजना में सामाजिक समावेशन को प्राथमिकता दी गई है. लाभार्थियों में 30% महिलाएं हैं, जबकि 15% अनुसूचित जाति, 8.5% ओबीसी और 2.5% अल्पसंख्यक समुदाय के युवा शामिल हैं.
कानपुर से लेकर वाराणसी तक युवाओं की भागीदारी
लोन वितरण में कानपुर नगर सबसे आगे है, उसके बाद बरेली, आगरा, महाराजगंज और वाराणसी जैसे जिले हैं. लोन देने में एसबीआई सबसे आगे है, जिसने 6684 युवाओं को लाभ पहुंचाया है.
डिग्रीधारी युवाओं के लिए बड़ी राहत
सरकार ने हाल ही में योजना में संशोधन किया है. अब बीई, एमबीए, बीटेक, सीए, आर्किटेक्ट आदि तकनीकी और व्यवसायिक डिग्रीधारी युवाओं को ट्रेनिंग की जरूरत नहीं है. वे सीधे आवेदन कर सकते हैं और लोन स्वीकृति के साथ ही राशि उनके खाते में ट्रांसफर हो जाएगी.