UP Gram Prahari Honorarium Hike : उत्तर प्रदेश के करीब 60 हजार ग्राम प्रहरियों यानी गांव के चौकीदारों के मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर चर्चा तेज है। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार इनके मासिक मानदेय में 1,000 रुपये की वृद्धि करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो ग्राम प्रहरियों को हर महीने 2,500 रुपये के बजाय 3,500 रुपये मिल सकते हैं। इससे उनकी सालाना आमदनी में 12,000 रुपये का इजाफा होगा। हालांकि, दिवाली से पहले इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला होने और बढ़ी हुई राशि मिलने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मानदेय में कितनी बढ़ोतरी संभव
प्रस्ताव के अनुसार, ग्राम प्रहरियों का मौजूदा मासिक मानदेय 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये किया जा सकता है। ऐसा होने पर हर महीने 1,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। यानी सालभर में कुल 12,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा। मौजूदा मानदेय की तुलना में यह करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे ग्राम प्रहरियों के लिए यह बदलाव आर्थिक राहत दे सकता है। हालांकि, अंतिम राशि और लागू होने की तारीख सरकारी आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।
सरकार पर कितना बढ़ेगा खर्च
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में लगभग 60 हजार ग्राम प्रहरी हैं। यदि सभी के मानदेय में 1,000 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की जाती है, तो सरकार पर हर महीने करीब 6 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। सालाना यह रकम लगभग 72 करोड़ रुपये होगी। इस तरह के प्रस्ताव के लिए बजट में प्रावधान करना जरूरी होगा। हालांकि, वास्तविक वित्तीय भार कर्मचारियों की स्वीकृत संख्या और सरकार के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।
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गांवों में क्या है चौकीदारों की भूमिका
ग्राम प्रहरी ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस और स्थानीय आबादी के बीच सूचना का महत्वपूर्ण माध्यम माने जाते हैं। वे गांवों में संदिग्ध गतिविधियों, विवादों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं की जानकारी संबंधित पुलिस थाने तक पहुंचाने में मदद करते हैं। स्थानीय स्तर पर होने वाली घटनाओं की सूचना समय पर मिलने से पुलिस को कार्रवाई करने में सहायता मिल सकती है। ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका को देखते हुए मानदेय बढ़ाने की मांग लंबे समय से चर्चा में रही है।
दूसरे कर्मचारियों का भी बढ़ा मानदेय
रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में दूसरे मानदेय आधारित कर्मचारियों के भुगतान में हुई बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया गया है। इसके मुताबिक, परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील बनाने वाली रसोइयों का मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये और पंचायत सहायकों का मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रतिमाह किया गया था। इन उदाहरणों के बीच ग्राम प्रहरियों के मानदेय में संभावित बढ़ोतरी को लेकर भी उम्मीदें बनी हुई हैं।
पेंशन बढ़ोतरी पर भी चर्चा
ग्राम प्रहरियों के मानदेय के अलावा वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव की भी रिपोर्टें सामने आई हैं। इनके तहत पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह करने की संभावना जताई गई है। यदि ऐसा होता है, तो प्रदेश के लाखों लाभार्थियों को फायदा मिल सकता है। हालांकि, मानदेय और पेंशन से जुड़े इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। फिलहाल ग्राम प्रहरियों और पेंशन लाभार्थियों की नजर सरकार की अगली घोषणा पर है।