UP News: उत्तर प्रदेश ने असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण में एक बार फिर अपनी मजबूत स्थिति साबित की है। केंद्र सरकार के ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन के मामले में प्रदेश अब देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। कुल पंजीकरण में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक है। रिपोर्ट बताती है कि 52.62 प्रतिशत महिलाएं हैं, जबकि 47.38 प्रतिशत पुरुष शामिल हैं। यह आंकड़ा असंगठित क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती सक्रियता और आर्थिक योगदान को दर्शाता है।
8.42 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक पंजीकृत हो चुके
प्रदेश में कुल 8.42 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं, जिनकी संख्या 8,42,08,154 तक पहुंच गई है। यह उपलब्धि राज्य में बढ़ती जागरूकता, सरकारी प्रयासों और आसान पंजीकरण प्रक्रिया का नतीजा है। पंजीकृत श्रमिकों के लिंग आधारित आंकड़े विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से महिलाएं विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा रही हैं, जो उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती हैं।
दो-तिहाई श्रमिक 18 से 40 वर्ष की आयु के बीच
आयु वर्ग के अनुसार भी आंकड़े रोचक हैं। पंजीकृत श्रमिकों में सबसे अधिक 63.39 प्रतिशत यानी लगभग दो-तिहाई श्रमिक 18 से 40 वर्ष की आयु के बीच के हैं। यह युवा वर्ग असंगठित क्षेत्र में सबसे अधिक सक्रिय है और पोर्टल पर पंजीकरण कर विभिन्न योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, स्वास्थ्य बीमा और अन्य लाभों से जुड़ रहा है।
कुल पंजीकरण 31 करोड़ से अधिक पहुंच चुके
ई-श्रम पोर्टल असंगठित श्रमिकों के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस है, जो 2021 में शुरू हुआ था। यह प्रवासी, निर्माण, कृषि, घरेलू और गिग वर्कर्स सहित सभी असंगठित श्रमिकों को एक सार्वभौमिक खाता संख्या प्रदान करता है। उत्तर प्रदेश के ये आंकड़े राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभावशाली हैं, जहां कुल पंजीकरण 31 करोड़ से अधिक पहुंच चुके हैं।
डिजिटल पहुंच बढ़ाने के प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई
प्रदेश सरकार की ओर से जागरूकता अभियान और डिजिटल पहुंच बढ़ाने के प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई है। यह पंजीकरण असंगठित श्रमिकों को पेंशन, बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य लाभ सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।