उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के प्रदर्शन के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है, जिससे हजारों मजदूरों को सीधी राहत मिलेगी। यह फैसला एक उच्च-स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है और इसे तुरंत प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
नोएडा और गाजियाबाद के लिए नई दरें
सरकार के आदेश के मुताबिक नोएडा और गाजियाबाद में काम करने वाले अकुशल श्रमिकों का वेतन 11313 रुपये से बढ़ाकर 13690 रुपये कर दिया गया है। अर्धकुशल श्रमिकों की सैलरी 12445 से बढ़कर 15059 रुपये हो गई है, जबकि कुशल श्रमिकों को अब 13940 की जगह 16868 रुपये मिलेंगे। इसमें महंगाई भत्ता भी शामिल है, जिससे उनकी आय में स्पष्ट बढ़ोतरी दिखेगी।
नगर निगम क्षेत्रों में बदलाव
प्रदेश के अन्य नगर निगम क्षेत्रों में भी वेतन बढ़ाया गया है। यहां अकुशल श्रमिकों को अब 11313 की जगह 13006 रुपये मिलेंगे। अर्धकुशल श्रमिकों की सैलरी 14306 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि कुशल श्रमिकों को अब 16025 रुपये दिए जाएंगे। इस बदलाव से शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को बड़ा फायदा मिलेगा।
अन्य जिलों में भी राहत
सिर्फ बड़े शहर ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों में भी मजदूरी बढ़ाई गई है। यहां अकुशल श्रमिकों का वेतन 12356 रुपये कर दिया गया है। अर्धकुशल श्रमिकों को 13591 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15224 रुपये मिलेंगे। इससे प्रदेश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले मजदूरों को भी राहत मिलेगी।
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1 अप्रैल से लागू होगा आदेश
सरकार ने साफ किया है कि यह नई मजदूरी दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएंगी। सभी कंपनियों और उद्योगों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन्हीं दरों के अनुसार अपने कर्मचारियों को वेतन दें। नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई भी हो सकती है।
श्रमिकों को मिलेगी बड़ी राहत
महंगाई और कम वेतन को लेकर लंबे समय से नाराज श्रमिकों के लिए यह फैसला राहत भरा माना जा रहा है। खासकर नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच यह कदम सरकार की ओर से बड़ा संदेश माना जा रहा है।
औद्योगिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश
सरकार का कहना है कि यह फैसला श्रमिकों के हितों और उद्योगों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाकर लिया गया है। इससे जहां मजदूरों की आय बढ़ेगी, वहीं उद्योगों की कार्यप्रणाली भी प्रभावित नहीं होगी। अब देखना होगा कि इस फैसले के बाद हालात कितनी जल्दी सामान्य होते हैं।