
यूपी सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए लगातार नई-नई योजनाएं ला रही है. इन्हीं में से एक है मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH). सरकार की इस योजना के तहत किसान मशरूम उत्पादन यूनिट लगाकर अच्छी कमाई के साथ-साथ सरकारी सब्सिडी का लाभ भी उठा सकते हैं.
कुल लागत का 40 प्रतिशत अनुदान दे रही सरकार
किसानों को राज्य सरकार द्वारा मशरूम उत्पादन यूनिट लगाने पर कुल लागत का 40 प्रतिशत अनुदान दे रही है. फिलहाल एक यूनिट लगाने की अधिकतम लागत 20 लाख रुपये तय की गई है. ऐसे में किसानों को 8 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है. यह योजना खास तौर पर छोटे और मध्यम किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक बेहतर मौका है.
आवेदन के लिए जरूरी हैं ये दस्तावेज
वहीं इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेज अपने पास रखना अनिवार्य है. इनमें आधार कार्ड, जमीन के कागजात, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो, जाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र शामिल हैं. आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए किसान पहले से ही ये सभी दस्तावेज तैयार रखें.
आवेदन से पहले बनानी होगी प्रोजेक्ट रिपोर्ट
इसके साथ ही किसी भी किसान को आवेदन करने से पहले अपनी मशरूम यूनिट की एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करनी होगी. इस रिपोर्ट में कुल लागत, उत्पादन की योजना, जगह, उपकरणों की जरूरत, बाजार और बिक्री की संभावनाएं जैसी जानकारियां शामिल करनी होंगी. इस रिपोर्ट को भी आवेदन फॉर्म के साथ सब्मिट करना जरूरी है. इससे विभाग को परियोजना की व्यावहारिकता समझने में मदद मिलती है.
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क्या है ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया?
मशरूम उत्पादन यूनिट पर सब्सिडी के लिए किसान उद्यान एवं प्रसंस्करण विभाग की वेबसाइट http://dbt.uphorticulture.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा, फिर MIDH योजना का चयन करें और मशरूम उत्पादन यूनिट से संबंधित विकल्प पर क्लिक करें. इसका फॉर्म भरने के बाद आवश्यक दस्तावेज और प्रोजेक्ट रिपोर्ट अपलोड करके आवेदन सब्मिट कर दें.
पात्र पाए जाने पर ही योजना को मिलेगी मंजूरी
वहीं आवेदन जमा होने के बाद विभाग दस्तावेजों की जांच करेगा. पात्र पाए जाने पर ही योजना को मंजूरी दी जाएगी. मंजूरी मिलने के बाद किसान अपनी यूनिट तैयार कर सकते हैं, जिसमें टिन शेड, कंपोस्ट यूनिट, तापमान नियंत्रण प्रणाली और अन्य आवश्यक उपकरणों की स्थापना शामिल है. सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुदान की राशि किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी.