ग्रेटर नोएडा में रहने वाले इंजीनियर रवि मलिक साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर उनसे 13 लाख रुपये हड़प लिए। टेलीग्राम और व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए संपर्क कर ठगों ने बिटकाइन नामक एप डाउनलोड कराई। शुरुआत में छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर विश्वास जीत लिया और धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश कराई।
13 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए
24 सितंबर तक रवि ने पांच बार में कुल 13 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने कर के नाम पर 7.50 लाख रुपये और मांगे। अतिरिक्त रकम देने से इंकार करने पर ठगों ने संपर्क तोड़ लिया। पीड़ित ने एनसीआरपी पोर्टल और साइबर क्राइम थाना पुलिस से शिकायत दर्ज कराई।
ठगों की पहचान व तलाश में टीम लगी हुई है
पुलिस ने बताया कि रकम आईसीआईसीआई, यश और यूटीआई बैंक के खातों में ट्रांसफर कराई गई थी। खातों की जानकारी जुटाई जा रही है और ठगों की पहचान व तलाश में टीम लगी हुई है। एडीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने कहा कि ठग अक्सर प्ले स्टोर से इतर फर्जी एप डाउनलोड कराते हैं और व्हाट्सऐप लिंक के जरिए लोगों को जाल में फंसाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक से एप डाउनलोड न करें और निवेश से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल करें।