थाने में नाबालिग बेटे की पिटाई से आक्रोशित महिला ने एसएसपी की गाड़ी को रोक दिया। पीड़िता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। एसएसपी ने पीड़िता की शिकायत सुनने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पुलिस आफिस में अफरा-तफरी मच गई
थाना टीपी नगर क्षेत्र के मलियाना गली नंबर-6 निवासी कुसुम पत्नी राजपाल अपने नाबालिग बेटे के साथ मंगलवार को एसएसपी ऑफिस पहुंची। इसी दौरान एसएसपी अविनाश पांडे अपनी गाड़ी से कार्यालय से बाहर निकल रहे थे। कुसुम अचानक उनकी गाड़ी के सामने कूद गई। समय रहते चालक ने ब्रेक लगा दिए। इससे पुलिस आफिस में अफरा-तफरी मच गई। एसएसपी अविनाश पांडे तुरंत गाड़ी से उतरे और महिला को अपने कार्यालय में ले गए। उन्होंने महिला से बातचीत की और उसकी शिकायत सुनी।
पुलिस ने आरोपियों से सांठगांठ कर ली
महिला कुसुम ने आरोप लगाया कि उसके पड़ोस में रहने वाले बिजेंद्र सैनी, भूपेंद्र सैनी और पूजा उर्फ गरिमा ने एक साल पहले उनके रास्ते पर अवैध कब्जा कर लिया है। वह पिछले एक साल से थाने और अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कुसुम ने यह भी आरोप लगाया कि थाना पुलिस ने आरोपियों से सांठगांठ कर ली है। कुछ दिन पहले थाना पुलिस उनके नाबालिग बेटे को घर से उठाकर ले गई और थाने में उसके साथ मारपीट की। पुलिस ने किशोर से कोरे कागज पर हस्ताक्षर भी करवा लिए, जबकि आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ को जांच और आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। एसएसपी के इस आश्वासन के बाद पीड़ित चली गई।