UP Police Exam: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। यह परीक्षा 8, 9 और 10 जून को प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्थापित 1183 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई। भर्ती बोर्ड के अनुसार परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में कराई गई। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और निगरानी के लिए आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया गया, जिससे नकल और फर्जीवाड़े की कोशिशों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सका।
लाखों अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
भर्ती बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार इस परीक्षा के लिए कुल 28.86 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें पुरुष और महिला दोनों वर्गों के बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल रहे। तीन दिनों तक चली परीक्षा में 21 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की मौजूदगी के बावजूद परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था सुचारु बनी रही। इसे प्रशासनिक समन्वय और सुरक्षा प्रबंधन का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
तकनीक की मदद से पकड़े गए फर्जी अभ्यर्थी
परीक्षा के दौरान ई-केवाईसी सत्यापन, बायोमेट्रिक जांच और डिजिटल निगरानी के जरिए कई संदिग्ध मामलों का पता लगाया गया। कुछ अभ्यर्थियों के दस्तावेज और पहचान संबंधी जानकारी मेल नहीं खाने पर जांच की गई, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के उपयोग और दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने जैसी अनियमितताएं सामने आईं। संबंधित मामलों में पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
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सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा
भर्ती बोर्ड ने परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक और तथ्यहीन दावों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। शिकायत मिलने के बाद कुछ यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया खातों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए गए। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने या भ्रम फैलाने वाले किसी भी प्रयास को गंभीरता से लिया जाएगा। इसके लिए विशेष निगरानी टीम लगातार ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।
अब तक 12 मुकदमे, 9 गिरफ्तार
भर्ती बोर्ड के अनुसार परीक्षा से जुड़े मामलों में अब तक कुल 12 अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें फर्जी दस्तावेज, प्रतिरूपण, गलत सूचना फैलाने और परीक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले शामिल हैं। इन प्रकरणों में अब तक 9 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। बोर्ड ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, परीक्षा केंद्रों के कर्मचारियों और अभ्यर्थियों के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया गया है।