लखनऊ, उत्तर प्रदेश पुलिस साइबर क्राइम के बढते मामलों को लेकर अब कुछ और सख्त कदम उठाएगी. यूपी पुलिस के डीजीपी राजीव कृष्ण ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए इस बारे में आवश्यक निर्देश जारी किये. पुलिसमुख्यालय में आयोजित बैठक में आईजीआरएस, साइबर क्राइम, जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट व मिशन शक्ति केंद्र की ही विस्तृत समीक्षा की गयी. बैठक में जिन बिन्दुओं पर खासतौर पर मंथन हुआ उनमें रायपुर में आयोजित डीजीपी/आईजीपी कांफ्रेंस की संस्तुतियों को क्रियान्वित करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेगी.
गौ-तस्करी, साइबर अपराध तथा अन्य संगठित अपराधों में संलिप्त अपराधियों की वित्तीय लेन-देन की ट्रेल को भी विवेचना में सम्मिलित किया जाय. साइबर अपराधियों गतिविधियों पर निगाह रखने को विशेष बल गठित किया जाएगा। जनशिकायत के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु चौकियों को सुदृढ़ करते हुए चौकी स्तर पर प्रकरणों का गुणवत्तापूर्वक निस्तारण सुनिश्चित करते हुए चौकी प्रभारियों को भी उत्तरदायी बनाया जाय.
जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट के लिए चिन्हित जनपदों में मुख्यालय की कार्य योजना के क्रियान्वयन से मात्र एक माह में सड़क दुर्घटनाओं में 15 प्रतिशत की कमी हुई । बैठक में विगत दिनों रायपुर में संपन्न डीजीपी/आईजीपी कॉन्फ्रेंस की संस्तुतियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से चर्चा की गई. पुलिस महानिदेशक ने प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री द्वारा प्रस्तुत स्ट्रेटिजिक विजन ऑफ पुलिसिंग को साझा करते हुए इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान किए.