मुरादाबाद की एक जनसभा में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के बयान ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। उन्होंने मुसलमानों से ज्यादा बच्चे पैदा करने की बात कही और नारा दिया “हम दो, हमारे दो दर्जन।” इस बयान के बाद अलग-अलग दलों के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे चुनावी बयानबाजी बताया है।
ओमप्रकाश राजभर की प्रतिक्रिया
प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि नेताओं की आदत होती है मसालेदार बातें करने की। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले बयान देने वाले अपने परिवार का उदाहरण दें। राजभर ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार सोच जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल AIMIM उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का बड़ा विकल्प नहीं बन पा रही है।
असीम अरुण ने जताई नाराजगी
मंत्री असीम अरुण ने इस बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि दो से ज्यादा बच्चों की बात करना गैरजिम्मेदाराना सोच है। उनके मुताबिक, कम बच्चे होंगे तो बेहतर शिक्षा और परवरिश संभव है। ज्यादा बच्चों से परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ता है। उन्होंने इसे समाज को गुमराह करने वाला बयान बताया।
संजय निषाद ने भी उठाए सवाल
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि इस तरह के नारे से समाज का भला नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर दर्जनों बच्चे होंगे तो उनकी जिम्मेदारी सरकार पर डाल दी जाएगी। शिक्षा, स्वास्थ्य और योजनाओं का बोझ बढ़ेगा। उनके अनुसार, ऐसे बयान सिर्फ चुनावी लाभ के लिए दिए जाते हैं और समाज में संतुलन बिगाड़ते हैं।
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मुर्शिदाबाद पर भी छिड़ी बहस
कुछ नेताओं ने मुर्शिदाबाद के मुद्दे को भी जोड़ा। उनका कहना है कि इतिहास के नाम पर राजनीति करना ठीक नहीं है। अतीत की घटनाओं को लेकर बयानबाजी से समाज में तनाव बढ़ता है। नेताओं ने अपील की कि विकास और रोजगार जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
सपा का जवाब
समाजवादी पार्टी के विधायक संग्राम सिंह यादव ने कहा कि इस बार मतदाता बंटने वाला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अल्पसंख्यक समाज समझ चुका है कि वोट बिखरने से नुकसान होता है। उनके अनुसार, जनता का रुख साफ है और आने वाले चुनाव में सपा को फायदा मिलेगा। कुल मिलाकर, एक बयान ने यूपी की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।