UP Rajya Sabha Election 2026 : उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया है कि बीजेपी के कई विधायक उनके संपर्क में हैं और सपा तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार को जिताने की स्थिति में है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, बीजेपी की ओर से अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर सपा का बड़ा दावा
रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी के नामांकन के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि कई बीजेपी विधायक उनके संपर्क में हैं। उनका कहना है कि सभी विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल करना संभव नहीं है, लेकिन चुनाव के दौरान उन्हें समर्थन मिल सकता है। सपा प्रमुख का दावा है कि इस बार पार्टी तीसरी सीट पर भी मजबूती से मुकाबला करेगी।
2024 की क्रॉस वोटिंग का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव 2024 का हवाला देते हुए कहा कि उस समय सपा के सात विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी, जिससे पार्टी का तीसरा उम्मीदवार हार गया था। उनके अनुसार यदि उस समय ऐसा नहीं होता तो सपा के तीन राज्यसभा सांसद चुने जाते। इसी संदर्भ में उन्होंने बीजेपी पर राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास किया।
धनराज नथवानी बने चर्चा का केंद्र
इस चुनाव में सबसे अधिक चर्चा धनराज परिमल नथवानी की उम्मीदवारी को लेकर हो रही है। धनराज, झारखंड से राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी के पुत्र हैं और कॉरपोरेट क्षेत्र से भी जुड़े रहे हैं। सपा द्वारा उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने को अखिलेश यादव के ‘सरप्राइज प्लान’ के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
बीजेपी खेमे में बढ़ी सियासी चर्चा
अखिलेश यादव के दावे के बाद बीजेपी विधायकों में संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अभी तक किसी विधायक ने सार्वजनिक रूप से सपा के समर्थन की बात नहीं कही है। ऐसे में यह दावा कितना प्रभावी साबित होगा, इसका जवाब मतदान के दिन ही मिल सकेगा।
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चुनावी मुकाबले पर टिकी नजरें
राज्यसभा चुनाव को लेकर सभी दल अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं। सपा जहां तीसरी सीट जीतने का दावा कर रही है, वहीं बीजेपी अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश में है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के प्रचार और राजनीतिक बैठकों के बीच यह चुनाव उत्तर प्रदेश की राजनीति का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।