
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने प्रदेश के 22 रियल एस्टेट प्रोजेक्टों को आस्थगन सूची से बाहर कर दिया है। इस फैसले से 8856 फ्लैटों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इनमें से छह प्रोजेक्ट नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के हैं, जिनमें कुल 5663 फ्लैट शामिल हैं।
यूपी रेरा के पास इन प्रोजेक्टों से संबंधित ज़रूरी दस्तावेज़ और जानकारी पहले उपलब्ध नहीं थी, जिसके चलते उन्हें आस्थगन सूची में रखा गया था। हाल ही में रेरा ने बिल्डरों को पोर्टल पर संशोधन का अवसर दिया था, जिसके बाद इन प्रोजेक्टों के बिल्डरों ने जमीन, स्वीकृत नक्शा और अन्य आवश्यक जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर दी। इसके बाद यूपी रेरा की 152वीं बैठक में इन प्रोजेक्टों को सूची से बाहर करने का निर्णय लिया गया।
इस निर्णय के बाद अब इन प्रोजेक्टों में निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि सभी फ्लैट पहले से तैयार हैं या निर्माण कार्य अभी शुरू होना है। रेरा ने यह भी निर्देश दिया है कि अब इन प्रोजेक्टों के बिल्डरों को हर तीन माह और वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिससे प्राधिकरण प्रोजेक्ट की प्रगति पर निगरानी रख सके।
आस्थगन सूची में होने के कारण इन प्रोजेक्टों में किसी भी प्रकार का लेनदेन या निर्माण कार्य प्रतिबंधित था। अब मंजूरी मिलने के बाद हजारों खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने घर का इंतजार कर रहे थे।उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने प्रदेश के 22 रियल एस्टेट प्रोजेक्टों को आस्थगन सूची से बाहर कर दिया है। इस फैसले से 8856 फ्लैटों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इनमें से छह प्रोजेक्ट नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के हैं, जिनमें कुल 5663 फ्लैट शामिल हैं।
यूपी रेरा के पास इन प्रोजेक्टों से संबंधित ज़रूरी दस्तावेज़ और जानकारी पहले उपलब्ध नहीं थी, जिसके चलते उन्हें आस्थगन सूची में रखा गया था। हाल ही में रेरा ने बिल्डरों को पोर्टल पर संशोधन का अवसर दिया था, जिसके बाद इन प्रोजेक्टों के बिल्डरों ने जमीन, स्वीकृत नक्शा और अन्य आवश्यक जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर दी। इसके बाद यूपी रेरा की 152वीं बैठक में इन प्रोजेक्टों को सूची से बाहर करने का निर्णय लिया गया।
इस निर्णय के बाद अब इन प्रोजेक्टों में निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि सभी फ्लैट पहले से तैयार हैं या निर्माण कार्य अभी शुरू होना है। रेरा ने यह भी निर्देश दिया है कि अब इन प्रोजेक्टों के बिल्डरों को हर तीन माह और वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिससे प्राधिकरण प्रोजेक्ट की प्रगति पर निगरानी रख सके।
आस्थगन सूची में होने के कारण इन प्रोजेक्टों में किसी भी प्रकार का लेनदेन या निर्माण कार्य प्रतिबंधित था। अब मंजूरी मिलने के बाद हजारों खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने घर का इंतजार कर रहे थे।