उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया। यह बजट 9.12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का है। सरकार ने इसमें शिक्षा, सड़क, किसानों और गरीब परिवारों पर खास ध्यान दिया है। खास तौर पर छात्राओं के लिए चलाई जा रही रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को बड़ा सहारा मिला है। सरकार का कहना है कि इस बार बजट का मकसद विकास के साथ सामाजिक संतुलन बनाना है।
स्कूटी योजना को 400 करोड़ का सहारा
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि मेधावी छात्राओं के लिए चलाई जा रही स्कूटी योजना में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य होनहार बेटियों को पढ़ाई के लिए आने-जाने में सुविधा देना है। सरकार चाहती है कि लड़कियां बिना किसी रुकावट के कॉलेज पहुंच सकें और आत्मनिर्भर बनें। बजट बढ़ने से इस बार ज्यादा छात्राओं को फायदा मिलने की उम्मीद है।
किन छात्राओं को मिलेगा फायदा?
यह योजना उन छात्राओं के लिए है जिन्होंने स्नातक या परास्नातक स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। लाभ लेने के लिए छात्रा का उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी है और उसका किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय में दाखिला होना चाहिए। चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगा। 12वीं के अंक और कॉलेज के प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जाएगी। कुछ मामलों में स्कूटी सीधे दी जाती है, तो कहीं तय राशि बैंक खाते में भेजी जाती है।
शिक्षा और बेटियों की शादी पर भी बड़ा प्रावधान
सरकार ने बेसिक शिक्षा के लिए 77 हजार 622 करोड़ रुपये का बजट रखा है। वहीं उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए भी राशि तय की गई है। गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया गया है। आरक्षित वर्ग की बेटियों के लिए 100 करोड़ और सामान्य निर्धन वर्ग की बेटियों के लिए 50 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इससे जरूरतमंद परिवारों को सहारा मिलेगा।
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]स्वास्थ्य और टीकाकरण पर भी जोर
बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को भी अहमियत दी गई है। जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए 42 जिलों में टीकाकरण कार्यक्रम जारी रखने का ऐलान किया गया है। आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 49.22 लाख परिवारों को कवर किया जा चुका है। इसके लिए 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
ड्रॉप-आउट कम करने की कोशिश
सरकार का मानना है कि स्कूटी योजना से खासकर ग्रामीण इलाकों की बेटियों को बड़ी राहत मिलेगी। कॉलेज की दूरी और आने-जाने की दिक्कत के कारण पढ़ाई छोड़ने वाली छात्राओं की संख्या कम होगी। ऑनलाइन पंजीकरण के जरिए आवेदन करना होगा और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। कुल मिलाकर यह बजट बेटियों को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।